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बजरी ने रोका बायोलॉजिकल पार्क का निर्माण

बीकानेर. बायोलॉजिकल पार्क का निर्माण कार्य लंबे समय से गति नहीं पकड़ रहा है। पहले बजट की कमी और अब बजरी व ग्रेवल नहीं मिलने से निर्माण कार्य धीमी गति से हो रहा है। इसको लेकर हाल ही जयपुर में उच्च स्तर पर मंथन हुआ था और अधिकारियों ने निर्माण की गति को लेकर असंतोष जताया था। बायोलॉजिकल पार्क निर्माण का जिम्मा राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम (आरएसआरडीसी) के पास है।

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Biological park

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बीकानेर. बायोलॉजिकल पार्क का निर्माण कार्य लंबे समय से गति नहीं पकड़ रहा है। पहले बजट की कमी और अब बजरी व ग्रेवल नहीं मिलने से निर्माण कार्य धीमी गति से हो रहा है। इसको लेकर हाल ही जयपुर में उच्च स्तर पर मंथन हुआ था और अधिकारियों ने निर्माण की गति को लेकर असंतोष जताया था। बायोलॉजिकल पार्क निर्माण का जिम्मा राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम (आरएसआरडीसी) के पास है।

राज्य सरकार ने पिछले साल नवंबर में निर्माण के लिए आरएसआरडीसी को 250 लाख रुपए दिए थे। इससे पहले 150 लाख रुपए का बजट मिल चुका है। इस राशि से चारदीवारी, सर्विस रोड, चिंकारा हिरणों के लिए एक पिंजरे का निर्माण व एप्रोच रोड बनाई जाएगी। इसके लिए जनवरी-2019 तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बीछवाल में 50 हैक्टेयर में बनने वाले इस पार्क का दिसंबर-२०१५ में शिलान्यास हुआ था। इसका निर्माण तीन साल में पूरा होना था, लेकिन अभी तक इसे पूरा नहीं किया जा सका है। बायोलॉजिकल पार्क के रूप में नया जन्तुआलय आधुनिक संसाधनों से युक्त विकसित किया जाएगा। सरकार ने इस बायोलॉजिकल पार्क के निर्माण के लिए ३६ करोड़ रुपए खर्च करने की घोषणा की थी। इस राशि को अलग-अलग चरणों में पारित किया जाना है।

आ रही थोड़ी समस्या
बायोलॉजिकल पार्क का निर्माण चल रहा है। अब तक मिले बजट से चारदीवारी, एक पिंजरा, एप्रोच सड़क का निर्माण कराया जाना है, लेकिन बजरी व ग्रेवल को लेकर थोड़ी समस्या आ रही है।
संजय अग्रवाल, परियोजना निदेशक, आरएसआरडीसी बीकानेर

प्रगति रिपोर्ट मांगी थी
बायोलॉजिकल पार्क के निर्माण की स्थिति को पर हाल ही जयपुर में विचार-विर्मश किया गया था। इसमें उच्च अधिकारियों ने प्रगति रिपोर्ट मांगी थी। इसमें प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, प्रबंध निदेशक, आरएसआरडीसी के परियोजना निदेशक आदि शामिल हुए थे।
जयदीपसिंह राठौड़, उपवन संरक्षक, बीकानेर