17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दो विभागों में उलझी जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया

आवेदन लंबित : प्रविष्टियों के शुद्धिकरण या निरस्तीकरण नहीं होने से आवेदक हो रहे परेशान

2 min read
Google source verification
Birth-death certificate

दो विभागों में उलझी जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया

बीकानेर. जन्म और मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया दो विभागों में उलझती जा रही है। नगर निगम में आवेदन देने के एक सप्ताह बाद भी लोगों को प्रमाण-पत्र नहीं मिल रहे हैं। रोजाना बड़ी संख्या में आवेदक प्रमाण-पत्र लेने के लिए निगम के चक्कर लगा रहे है। नगर निगम और जिला सांख्यिकी विभाग में आपसी समन्वय की कमी से सात जनवरी से अब तक करीब साढे़ तीन सौ आवेदन लंबित पड़े हैं। सांख्यिकी विभाग के प्रविष्टियों का शुद्धिकरण या निरस्तीकरण नहीं करने से जन्म और मृत्यु प्रमाण-पत्र अटके हुए हैं। इससे आमजन परेशान हो रहे हैं।

जन्म और मृत्यु प्रमाण-पत्रों में प्रविष्टि के शुद्धिकरण या निरस्तीकरण कार्य में विलम्ब पर निगम आयुक्त ने सांख्यिकी विभाग को पत्र लिखा है। आयुक्त डॉ. प्रदीप के गवांडे ने नियमों का हवाला देते हुए बताया कि जन्म और मृत्यु की प्रविष्टि में शुद्धिकरण या निरस्तीकरण का अधिकार रजिस्ट्रार को है। चूंकि निगम आयुक्त नियमों के तहत रजिस्ट्रार है।

गवांडे ने इस कार्य के लिए नियमानुसार आयुक्त व रजिस्ट्रार पद की आइडी उपलब्ध करवाने के लिए कहा है, ताकि आमजन की सुविधा के लिए शुद्धिकरण का कार्य जल्द हो सके। प्रविष्टि में शुद्धिकरण या निरस्तीकरण के लिए निगम में प्राप्त होने वाले आवेदनों को निर्धारित प्रारूप में सांख्यिकी में भेजने पर निगम ने आपत्ति जताई है। आयुक्त ने बताया कि प्रारूप में प्रत्येक प्रविष्टि की सूचना चाही गई है। इस प्रक्रिया से संशोधन प्रविष्टियों के निपटाने में देरी होगी।

राज्य स्तर पर उपलब्ध होगी आइडी

सांख्यिकी विभाग के उप निदेशक धर्मपाल खींचड़ ने बताया कि नगर निगम से प्राप्त होने वाली प्रविष्टियों के शुद्धिकरण या निरस्तीकरण के लिए आवेदनों के साथ सक्षम अधिकारी का पत्र होना चाहिए। तभी इसे क्लियर किया जाता है। इस कार्य के लिए संबंधित आइडी स्थानीय स्तर से निगम को उपलब्ध नहीं करवाई जा सकती है। जयपुर में राज्य स्तर पर ही आइडी उपलब्ध हो सकती है। इस संबंध में जयपुर पत्र लिखा गया है।