भाजपा से सुशीला और कांग्रेस से अंजना महापौर प्रत्याशी

बीकानेर नगर निगम : दूसरे व अंतिम दिन दो पार्षदों ने दाखिल किए नामांकन पत्र, सीधा मुकाबला होने की उम्मीद

 

बीकानेर. नगर निगम महापौर चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस में लगभग सीधा मुकाबला तय हो गया है। दोनों पार्टियों ने अपने-अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतार दिए हैं। भाजपा ने सुशीला कंवर राजपुरोहित को और कांग्रेस ने अंजना खत्री को प्रत्याशी बनाया है। दोनों ही प्रत्याशियों ने नामांकन प्रक्रिया के दूसरे व अंतिम दिन गुरुवार को नामांकन पत्र दाखिल कर दिए।महापौर पद के लिए किसी तीसरे प्रत्याशी ने नामांकन पत्र नहीं भरा है।

एेसे में दोनों प्रत्याशियों में सीधी टक्कर तय है, हालांकि नामांकन पत्रों की जांच शुक्रवार को होगी और स्थिति भी साफ हो जाएगी।महापौर चुनाव में बुधवार को भाजपा पार्षद सुधा आचार्य और सुनीता व्यास ने भी नामांकन पत्र लिए थे। इससे भाजपा की ओर से एक से अधिक प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करने की अटकलें लगाई जा रही थी, लेकिन सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए भाजपा प्रत्याशी के रूप में केवल सुशीला कंवर ने नामांकन-पत्र भरा।

भाजपा प्रत्याशी सुशीला के नामांकन-पत्र जमा करवाने के दौरान लूणकरनसर विधायक सुमित गोदारा, महापौर नारायण चौपड़ा, महामंत्री मोहन सुराणा, पार्षद कमलेश कंवर, प्रमोद सिंह, भगवान सिंह मेडतियां आदि मौजूद रहे। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी अंजना खत्री के नामांकन-पत्र भरने के दौरान शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष यशपाल गहलोत, मकसूद अहमद, हीरालाल हर्ष, शांति लाल मोदी, शिवशंकर बिस्सा आदि साथ रहे। दोनों प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करने के दौरान नगर निगम परिसर में ऊर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला, पूर्व शहर भाजपा अध्यक्ष विजय आचार्य सहित भाजपा और कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

समस्याओं के समाधान पर रहेगा जोर

महापौर के रूप में सेवा का अवसर मिला तो शहर का चहुमुंखी विकास और मूलभूत समस्याओं के समाधान को लेकर विशेष प्रयास किए जाएंगे। निगम को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने पर भी जोर रहेगा। सभी पार्षदों की सहमति से नाम तय हुआ है।
सुशीला कंवर राजपुरोहित, महापौर प्रत्याशी, भाजपा

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हर निर्णय मेरा होगा

बीकानेर के लोगों की सेवा और शहर का विकास ही मुख्य ध्येय है। महापौर के रूप में सेवा का अवसर मिला तो हर निर्णय मेरा खुद का होगा। पार्षदों की बाड़ाबंदी उचित नहीं है। पार्षदों को अपनी मर्जी से वोट देने चाहिए।
अंजना खत्री, महापौर प्रत्याशी, कांग्रेस

भाजपा ने बाड़ाबंदी का किया विरोध, अब खुद कर रही बाड़ाबंदी

निर्दलीय पार्षदों में अधिकतर कांग्रेस पृष्ठभूमि से है। निर्दलीय पार्षद कांग्रेस को वोट दे सकते हैं। भाजपा ने हमेशा बाड़ाबंदी का विरोध किया, अब खुद पार्षदों की बाड़ाबंदी कर रही है। भाजपा की कथनी-करनी में अंतर है। १२ सीटें एेसी हैं, जहां कांग्रेस बहुत कम अंतर से पिछड़ी है। पूर्ण बहुमत नहीं मिलने का एक कारण यह भी रहा कि कांग्रेस स्थानीय मुद्दों को भुना नहीं पाई।
डॉ. बीडी कल्ला, विधायक एवं मंत्री

बाड़ाबंदी नहीं, अभ्यास वर्ग

प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद जनता का भाजपा पर विश्वास बना हुआ है। भाजपा के साथ आए निर्दलीय भाजपा पृष्ठभूमि से हैं। भाजपा की कोई बाड़ाबंदी नहीं है। पार्षदों का अभ्यास वर्ग है। नवनिर्वाचित पार्षदों को अभ्यास वर्ग में बोर्ड का संचालन करने, विकास कार्य करवाने आदि को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। निगम में भाजपा का बोर्ड बनेगा।
मोहन सुराणा, महामंत्री, भाजपा

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