
बीकानेर। पशुओं से ब्रुसेलोसिस रोग इंसानों में फैल रहा है। जिले में गत चार माह में 12 पॉजिटिव रोगी सामने आ चुके हैं। यह सरकारी अस्पतालों का आंकड़ा है। निजी अस्पतालों में पहुंचे मरीजों को जोडऩे पर यह संख्या और बढ़ जाएगी। पीबीएम में रोगियों के उपचार से जुड़े चिकित्सकों का मानना है कि इस बीमारी से ग्रसित पशु के मांस का सेवन करने अथवा उसके दूध के सेवन से इंसान संक्रमित हुए है।
स्वास्थ्य विभाग ने ब्रुसेलोसिस पॉजिटिव रोगी के सामने आने पर महज पशुपालन विभाग को पत्र भेजकर सचेत किया है। पशुपालन विभाग इसकी रोकथाम के लिए टीकाकरण करता है। परन्तु लम्बे समय से टीकाकरण नहीं होने के चलते रोगी सामने आ रहे है। पीबीएम अस्पताल में मई से अगस्त तक रिपोर्ट हुए ब्रुसेलोसिस 12 रोगियों में सर्वाधिक पांच खाजूवाला क्षेत्र से हैं। वहीं नोखा, श्रीकोलायत और लूणकरनसर क्षेत्र से दो-दो तथा बीकानेर शहरी क्षेत्र से एक रोगी सामने आया हैं।
टीकाकरण के प्रति गंभीर नहीं
पशुपालन विभाग पशुओं में ब्रुसेलोसिस (ब्रुसैला) टीकाकरण को गंभीरता से नहीं ले रहा। नतीजन यह रोग पशुओं से तेजी से मनुष्य में आने लगा है। जिन क्षेत्रों से रोगी सामने आए है वहां पशुओं में टीकाकरण बहुत कम हुआ है।
मनुष्यों में ब्रुसेलोसिस का टीका नहीं
चिकित्सकों के अनुसार पशुपालन और जानवरों के मांस का काम करते है, उनके ब्रुसेलोसिस संक्रमित होने की आशंका अधिक रहती है। मनुष्यों के लिए ब्रुसेलोसिस का टीका नहीं आया है। केवल पशुओं में ब्रुसेलोसिस से बचाव के लिए टीकाकरण किया जाता है।
क्या है ब्रुसेलोसिस
ब्रुसेलोसिस बीमारी जीनस ब्रुसेला के बैक्टीरिया समूह से होती है जो जानलेवा नहीं है। संक्रमित माता के स्तनपान से शिशुओं में संक्रमण हो सकता है। इसके लक्षण स्वाइन फ्लू जैसे हैं। भूख न लगना, पीठ दर्द, ठंड लगना, सुस्ती, चक्कर आना, सिर दर्द, पेट दर्द, जोड़ो में दर्द और वजन घटना प्रमुख लक्षणों में शामिल है।
Published on:
02 Sept 2019 05:30 pm
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