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बीएसएफ ने रुकवाया अवैध खनन, माफिया रातोरात उठा ले गया जिप्सम

Bikaner News: उपखण्ड अधिकारी ने भी जुटाए साक्ष्य, खनन विभाग लीपापोती में जुटा

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बीएसएफ ने रुकवाया अवैध खनन, माफिया रातोरात उठा ले गया जिप्सम

बीएसएफ ने रुकवाया अवैध खनन, माफिया रातोरात उठा ले गया जिप्सम

खाजूवाला. खनिज को खोदकर निकालने के लिए खनिज विभाग की पूरी प्रक्रिया तय है। सिंचाई विभाग कृषि योग्य भूमि पर डिग्गी निर्माण की अनुमति देता है। बॉर्डर पर एक किलोमीटर की पट्टी में किसी भी तरह के खनन पर पाबंदी है। इन सब सरकारी बैरियर के बावजूद खनन माफिया बॉर्डर पर तारबंदी के पास से हजारों टन जिप्सम खोदकर ले गया। सरकारी तंत्र में सेंध लगाकर डिग्गी खुदाई के रास्ते तारबंदी तक पहुंचे और फिर डिग्गी की मिट्टी के नाम पर जिप्सम खोदकर बॉर्डर से दो किलोमीटर दूर ढेरी कराई गई है। यहां से ट्रकों में लादकर जिप्सम को दूसरी जगह पहुंचाने का खेल चल रहा है। राजस्थान पत्रिका की ओर से इस मामले का खुलासा करने की भनक लगते ही शनिवार को दिन में जिप्सम के लगे ढेर रातभर ट्रकों में लादकर खनन माफिया ले गया।

खाजूवाला क्षेत्र में जिप्सम माफिया भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर की तारबंदी से चंद कदम दूरी पर खुदाई कर जिप्सम निकाल चुका है। राजस्थान पत्रिका में रविवार के अंक में अफसरों और माफिया के गठजोड़ से देश की सुरक्षा को ताक पर लगाने का खुलासा करने पर तहसील व उपखण्ड प्रशासन अपने-अपने स्तर पर कागजों को खंगालने में जुट गया। दूसरी तरफ खनिज विभाग के अधिकारी लीपापोती में जुट गए है।सीमा सुरक्षा बल ने तारबंदी के पास हो रहे खनन कार्य को बन्द करवा दिया। डिग्गी खोदने को लेकर जारी की गई अनुमति के कागजात के साथ मौका स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन की टीम ने अपने स्तर पर रिपोर्ट तैयार की है। दूसरी तरफ रात में जिप्सम माफिया ने साक्ष्य मिटाने के लिए 3 ट्रकों में जिप्सम भरकर दूसरी जगह पहुंचा दिया। हालांकि पता लगने पर बीएसएफ ने जिप्सम का परिवहन भी बन्द करवा दिया।

ग्रामीणों का आरोप, डिग्गी की अनुमति भी दूसरे खेत कीग्रामीणों ने बताया कि आनन्दगढ़ चक के मुरब्बा 234/29 में खेत में डिग्गी बनाने की अनुमति जारी हुई है। परन्तु मुरब्बा नम्बर 234/21 में अवैध रूप से खनन किया जा रहा है। इस तथ्य की उपखण्ड अधिकारी ने भी पड़ताल शुरू की है। यदि ऐसा सही पाया जाता है तो यह और भी गंभीर बात है कि कोई बॉर्डर को खोदने के लिए अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने में कैसे कामयाब हो गया।

केन्द्रीय गृह मंत्रालय से दखल की मांगसूत्रों के मुताबिक दिल्ली से भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने इस मामले में ग्रामीणों से दूरभाष पर जानकारी ली है। बॉर्डर पर अवैध खनन के लिए कागजी गली निकालने को लेकर सीमा जन कल्याण समिति सक्रिय हुई है। जो इससे जुड़े दस्तावेज जुटाकर अब केन्द्रीय गृह मंत्रालय को भेजकर दखल देने की मांग भी करेगी। इस मामले में तारबंदी से सटे खेत में डिग्गी खोदने की अनुमति में राज्य सरकार के विभागों के अधिकारियों की भूमिका है। ऐसे में निष्पक्ष जांच के लिए केन्द्र सरकार की एजेंसी से जांच कराने की मांग की जाएगी।

अवैध खनन हुआ है तो कार्रवाई करेंगे

आनन्दगढ़ में बॉर्डर पर जिस खेत में डिग्गी बनाने की अनुमति प्रशासन ने शर्तों के साथ जारी की थी, उसमें कोई अवहेलना हुई है तो कार्रवाई की जाएगी। डिग्गी के लिए निशानदेही बीएसएफ के अधिकारियों की मौजूदगी में की गई थी। निशान वाले स्थान से बाहर खुदाई की गई है तो बीएसएफ भी कानूनी कार्रवाई करने में सक्षम है। यदि अवैध खनन पाया गया तो संबंधित काश्तकार की खातेदारी खारिज करने की कार्रवाई करेंगे। जिप्सम भण्डारण को जब्त किया जाएगा।

श्योराम, उपखण्ड अधिकारी खाजूवाला


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