
Clean India Mission Campaign
महाजन. कस्बे सहित आस-पास के ग्रामीण अंचल में इन दिनों युवाओं की टोलियां स्वच्छता के नाम पर ग्रामीण परिवारों की जेब काटती घूम रही है। गांवों में स्वच्छता के नाम एक स्टीकर व रसीद देकर प्रति परिवार 30 रुपये वसूल किए जा रहे हैं। किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए जिला परिषद व पंचायत समिति ने बाकायदा आदेश भी जारी कर दिए हैं। ताकि गांवों व कस्बों में कोई विरोध ना कर सके।
गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से अरजनसर, महाजन जैसे कस्बों व अन्य गांवों में एक फर्म के कर्मचारी बताते हुए कुछ युवा घूम रहे हैं। ये लोग घर-घर जाकर एक एल्युमिनियम की प्लेट थमाते हुए 30 रुपये की रसीद काटकर वसूली कर रहे हैं। इस प्लेट पर राजस्थान सरकार स्वच्छता है जहां, जिंदगी है वहां, स्वच्छ भारत मिशन व मकान नम्बर अंकित किया है। देखने में यह प्लेट महज 5 से 7 रुपये की है लेकिन प्रति परिवार इसके 30 रुपये वसूल किये जा रहे है। साथ ही मकानों की गणना, मतदाता सूची, राशन कार्ड, बीपीएल सर्वे, जॉब कार्ड, अंत्योदय का नवीनीकरण एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों में उपयोगी बताकर मकान नम्बर की एक रसीद भी थमाई जा रही है। हालांकि अरजनसर में कुछ परिवारों ने विरोध कर प्लेट लगवाने से मना कर दिया था। इन दिनों लूट का यह खेल महाजन कस्बे में चल रहा है। पंचायत समिति लूणकरणसर के विकास अधिकारी द्वारा जिला परिषद के 24 मई के पत्र का हवाला देकर 11 जून को एक आदेश जारी किया गया है। इसमें विनोद प्रसाद गुप्ता को ग्रामीण क्षेत्र में मकानों पर यह प्लेट लगाने के लिए अधिकृत किया गया है। इस आदेश में ग्राम पंचायतों को इस फर्म का सहयोग करने के निर्देश दिए गए है। मामले में जब पंचायत समिति व जिला परिषद के अधिकारियों से बात की तो विरोधाभासी बयान सामने आए।
ऐच्छिक नहीं
किसी फर्म को ऐसा कोई ठेका नहीं दिया हुआ है। ग्रामीण अपने स्तर पर स्वच्छता के लिए यह कर रहे हैं। यह प्लेट लगवाना या नहीं लगवाना ऐच्छिक है।
अजीत सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद, बीकानेर।
आदेश भी जारी किए
जिला परिषद ने एक फर्म को कस्बों व गांवों में यह प्लेट लगाने का ठेका दिया है। साथ ही जिला परिषद ने आदेश भी जारी किए हैं।यह पूर्णतया ऐच्छिक है।
सुनील छाबड़ा, विकास अधिकारी पंचायत समिति, लूणकरणसर।
Published on:
02 Aug 2018 12:33 pm
