
स्वच्छता अभियान
बीकानेर. 'स्वच्छता पखवाड़ा और त्योहार सीजन होने के बावजूद शहर में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। जगह-जगह कचरे के ढेर से आमजन परेशान है। नगर निगम न तो उचित सफाई व्यवस्था कर पा रहा है और ना ही कचरा उठाया जा रहा है।' यह कहना है निगम में नेता प्रतिपक्ष जावेद पडि़हार का।
पडि़हार के ने कहा कि शनिवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कचरे को उठाने की व्यवस्था चौपट रही। दिनभर कचरा संग्रहण केन्द्रों पर कचरे का ढेर पड़ा रहा, जिस पर आवारा पशु मंडराते रहे। आमजन कचरे व बदबू से परेशान रहे।
सर्वोदय बस्ती मुख्य रोड, चौंखूटी फाटक के पास,
राजीव गांधी मार्ग, रोशनीघर के पास, त्यागी वाटिका बिस्कुटों वाली गली, कुचीलपुरा सहित अनेक स्थानों पर कचरे के ढेर लगे रहे। जनसाधारण के साथ-साथ वार्ड पार्षद भी कचरे के ढेर को लेकर परेशान रहे। वहीं बाहरी क्षेत्रों की कॉलोनियों, पुराने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भी जगह-जगह कचरे के ढेर दिखाए दिए।
सुबह हटाया कचरा
सफाई कार्य से जुड़े कार्मिकों के अनुसार पुराने शहर में सुबह के समय कचरे को हटाया गया। लखोटिया चौक, रत्ताणी व्यास चौक रंगा गली के पास सहित कई स्थानों पर कचरे के ढेर के चलते आमजन परेशान रहे।
लाइटें बंद, सफाई चौपट
पडि़हार के अनुसार शहर में जगह-जगह रोडलाइटें बंद है व गलियों तथा मुख्य सड़कों पर अंधेरा छाया हुआ है। दशहरा, मोहर्रम और दीपावली के बावजूद निगम प्रशासन और महापौर शहर की तरफ ध्यार नहीं दे रहे हैं। पडि़हार के अनुसार निगम का स्वच्छता अभियान महज कागजों में चल रहा है धरातल पर कोई ठोस कार्य नजर नहीं आ रहा है। शहर की सफाई व्यवस्था चौपट नजर आ रही है।
और बढ़ाएंगे संसाधन
निगम की ओर से प्रतिदिन सुबह कचरे का संग्रहण करवाया जा रहा है। त्योहारों को लेकर घरों में साफ-सफाई का कार्य भी चल रहा है, जिससे कचरा संग्रहण ट्रैक्टर के निकलने के बाद जो कचरा सड़कों पर डाला जाता है, उसे शीघ्र उठाने के लिए ट्रैक्टर का एक फेरा बढ़ाने तथा संसाधन बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि सड़कों पर कचरा न पड़ा रहे।
डॉ. राष्ट्रदीप यादव, उपायुक्त नगर निगम बीकानेर
घर की तरह शहर को भी बनाएं साफ-सुथरा
बीकानेर. सामूहिक प्रयास और मन में शहर को स्वच्छ बनाने की सोच हो तो शहर को भी घर की तरह साफ-सुथरा और सुंदर बनाया जा सकता है। आवश्यकता है शहर को भी अपना घर समझने की। जिस प्रकार घर साफ रहे, सुंदर रहे इसके लिए घर -परिवार के सदस्य सफाई का विशेष ध्यान रखते हैं, सभी वस्तुओं को अपने निश्चित स्थान पर रखते है व कचरे को कचरा पात्र में डालते हैं वैसे ही शहर को साफ-सुथरा रखने की जरुरत है।
घरों का कचरा सड़कों पर नहीं डालकर कचरा पात्र में ही डालें, बाजारों में खाने-पीने के बाद डिस्पोजल सामान, कागज, फलों के छिलके, गुटखों के पाउच, पॉलिथीन का सामान इत्यादि को सड़क पर न फैंककर कचरा पात्र में डालें तो शहर को साफ-सुथरा बनाने में हम बड़ा सहयोग कर सकते है। सड़कों पर फैंके गए कचरे से न केवल गंदगी होगी, बल्कि मच्छर-मक्खी भी पैदा होंगे जो हमारे भोजन पर बैठकर हमें ही बीमार करेंगे। अगर शहर स्वच्छ होगा तो ही हम स्वस्थ रह सकेंगे।
न फैलाएं, न फैलाने दें
शहर पूर्ण रूप से स्वच्छ तभी बन सकता है जब प्रत्येक नागरिक स्वच्छता को लेकर जागरुक हो। सड़कों, बाजारों, कार्यालयों, पार्को इत्यादि में न तो स्वयं कचरा फैलाए और अगर कोई कचरा फैलाता है तो उसकी समझाइश करें। उसे कचरा फैलाने से होने वाले नुकसान की जानकारी दें।
स्वच्छता को लेकर बच्चों को विशेष रूप से प्रेरित करें। उनको स्वच्छता का महत्व बताएं। गंदगी से कौनसी बीमारियां और कैसे हो सकती है इसकी जानकारी भी देनी आवश्यक है ताकि जागरुक बच्चे शहर को स्वच्छ बनाने में अहम भूमिका निभाएं।
Published on:
01 Oct 2017 09:31 am
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