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राजस्थान के इस शहर में बनेगा देश का पहला अभिलेख म्यूजियम, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

देश के पहले डिजिटल अभिलेखागार का दर्जा प्राप्त बीकानेर अभिलेखागार में अब देश का पहला अभिलेख म्यूजियम बनेगा।

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विमल छंगाणी/बीकानेर. देश के पहले डिजिटल अभिलेखागार का दर्जा प्राप्त बीकानेर अभिलेखागार में अब देश का पहला अभिलेख म्यूजियम बनेगा। इस पर १० करोड़ ८० लाख रुपए की लागत आएगी। इस अभिलेख म्यूजियम में करीब एक हजार एेतिहासिक मूल दस्तावेजों को प्रदर्शित किया जाएगा। म्यूजियम में चार दीर्घाएं भी बनाई जाएंगी। म्यूजियम को तैयार करने का काम शुरू हो गया है। सितम्बर तक अधिकतर कार्य पूरा होने की उम्मीद है।

इस म्यूजियम से शोधार्थियों को लाभ मिलेगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। आमेर विकास प्राधिकरण कार्यकारी एजेन्सी बनाया है। वहीं गुरुग्राम की द्रोणा इस म्यूजियम की आर्किटेक्ट फर्म है। प्राधिकरण ने म्यूजियम तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। इसमें बनाई जा रही दीर्घाओं में रियासतकालीन फरमान, ताम्र-पत्र, स्वतंत्रता सेनानी सहित मानचित्र दीर्घा शामिल हैं। पढ़ें बीकानेर ञ्च पेज ०९

बीकानेर सौ मानचित्र, स्वतंत्रता सेनानी दीर्घा अभिलेख म्यूजियम में मानचित्र दीर्घा आकर्षण का केन्द्र होगी। अभिलेखागार में करीब दस हजार से अधिक विभिन्न रियासतों और राजपूताना के मानचित्र उपलब्ध हैं। इसमें से लगभग सौ मानचित्र इस दीर्घा में प्रदर्शित किए जाएंगे। वहीं स्वतंत्रता सेनानी दीर्घा में प्रदेश के ढाई सौ स्वतंत्रता सेनानियों के चित्र और ऑडियो क्लिप लगेगी।

327 फरमान, एक हजार ताम्र-पत्र
अभिलेख म्यूजियम में मुगल बादशाहों की ओर से राजपूत राजाओं को लिखे गए ३२७ फरमान, राजशाही आदेश, २२ फीट लम्बी पुरन्दर की संधि, राजाओं के पत्र, औरंगजेब का पंजा, सुखसेज राय का प्रेम पत्र, अलंकृत बहियां, वकील रिपोट्र्स, तोजी रिकॉर्ड, विभिन्न रियासतों के एेतिहासिक दस्तावेज, पट्टा-परवाने, मिसले, विभिन्न रियासतों के करीब एक हजार ताम्र-पत्र म्यूजियम में प्रदर्शित किए जाएंगे। इसमें करीब ९०० ताम्र-पत्र मेवाड़ से संबंधित हैं।


शोध व पर्यटन का केन्द्र बनेगा
बीकानेर के राजस्थान राज्य अभिलेखागार में देश का पहला अभिलेख म्यूजियम तैयार हो रहा है। इसमें राजपूताना तथा उसकी रियासतों के करीब एक हजार महत्वपूर्ण मूल अभिलेखों को प्रदर्शित किया जाएगा। यह म्यूजियम बीकानेर ही नहीं, प्रदेश और देश में शोध व पर्यटन की दृष्टि से बड़ा केन्द्र बन जाएगा।
डॉ. महेन्द्र खडग़ावत, निदेशक, राजस्थान राज्य अभिलेखागार, बीकानेर