'आमजन में विश्वास व अपराधियों में डर' की सार्थकता साबित करने के लिए पुलिस अधिकारियों व जवानों को फरियादी के साथ मित्रता वाला व्यवहार करना होगा।
बीकानेर. 'आमजन में विश्वास व अपराधियों में डरÓ की सार्थकता साबित करने के लिए पुलिस अधिकारियों व जवानों को फरियादी के साथ मित्रता वाला व्यवहार करना होगा। सही मायने में राजस्थान में कम्यूनिटी पुलिसिंग शाखा ने कमोबेश यही काम किया।
कम्यूनिटी पुलिसिंग में पुलिस अधिकारियों व जवानों को अच्छे व्यवहार, न्यायप्रियता व पीडि़त की हर स्तर पर मदद करने की सीख दी जा रही है। यह बात पूर्व महानिदेशक (कम्यूनिटी पुलिसिंग) दलपतसिंह दिनकर ने राजस्थान पत्रिका से खास बातचीत में कहीं।
दिनकर ने कहा कि पुलिस को हर परिस्थिति में आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है। इसमें चाहे उसे अपराधियों को पकडऩे के लिए गोली क्यों न चलानी पड़े। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दूसरे राज्यों के अपराधी आकर वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। इनकी रोकथाम के लिए अंतरराज्यीय सुरक्षा कमेटी के मार्फत रोकथाम के प्रयास किए
जा रहे हैं।
अपराधियों से मिलीभगत बर्दाश्त नहीं
पूर्व महानिदेशक दिनकर ने कहा कि प्रदेश की पुलिस अपराधों को खत्म व रोकथाम के प्रयास कर रही है। अपराधियों के साथ पुलिस के किसी अधिकारी और कर्मचारी की मिलीभगत बर्दाश्त नहीं होगी।
पुलिस अब उच्च तकनीक से लैस हो रही है।
आमजन पुलिस के सहायक बने
दिनकर ने कहा कि पुलिस अपराधों पर अंकुश तभी लगा सकती है, जब आमजन उनका सहयोग करें। आमजन पुलिस के खिलाफ शिकायत खुलकर करे, लेकिन शिकायत में सत्यता होनी चाहिए। दिनकर ने कहा कि पुलिस की नौकरी पैसे और रौब के लिए नहीं, बल्कि जनसेवा की नौकरी है। किसी पीडि़त की मदद करना बड़ा धन है। उन्होंने पुलिस जवानों व अधिकारियों से ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठ से फर्ज निभाने का आह्वान किया।