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VIDEO : तेरापंथी सभा: शासनश्री साध्वी बिदामां के 101वें वर्ष में प्रवेश पर समारोह

कस्बे के तेरापंथ भवन में बिराज रही शासन श्री साध्वी बिदामां के 101वें वर्ष में प्रवेश पर स्थानीय जैन श्वैताम्बर तेरापंथी सभा द्वारा डूढ़ाणी नोहरे में आयोजित त्रिदिवसीय समारोह का समापन रविवार को साध्वी बिदामां के वर्धापन समारोह के साथ सम्पन्न हुआ।

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Celebration at the 101st year of shasanshri sadhvi bidamaa

तेरापंथी सभा: शासनश्री साध्वी बिदामां के 101वें वर्ष में प्रवेश पर समारोह

कालू. कस्बे के तेरापंथ भवन में बिराज रही शासन श्री साध्वी बिदामां के 101वें वर्ष में प्रवेश पर स्थानीय जैन श्वैताम्बर तेरापंथी सभा द्वारा डूढ़ाणी नोहरे में आयोजित त्रिदिवसीय समारोह का समापन रविवार को साध्वी बिदामां के वर्धापन समारोह के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह में आस-पास के एवं दूर से आए हजारों की तादात में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया।

इस अवसर पर विचार व्यक्त करते हुए साध्वी उज्जवल रेखा ने कहा कि जीवन जीना और शतायु होना कोई महत्व नहीं रखता लेकिन स्वावलंबिता और पुरूषार्थ के साथ जीना महत्व रखता है और ऐसा ही जीवन शासन श्री बिदामां जी का है। उन्होंने कहा कि बिदामां ने 84 वर्षों तक स्वयं को पैदल यात्री बनाये रखा तथा 98 वर्ष की आयु तक साधन का प्रयोग करके सहयोगी साध्वियों के सहयोग ने ग्रामानुग्राम विचरण होता रहा, अब इस कालू की धरती पर इनका सौवा वर्ष पूर्ण हो गया है और एक सौ वें वर्ष में प्रवेश हो गया है।

इन्होंने 100 वर्ष के जीवनकाल में किसी भी प्रकार की औषधि का कभी भी सेवन नहीं किया। जिन्होंने अपने आत्मबल, मनोबल और तपोबल को अखण्ड बनाए रखा। ऐसी शतायु साध्वी बिदामां ने एक नया कीर्तिमान स्थापित कर अपने आप का धन्य बना लिया। साध्वी अमृतप्रभा जी ने बताया कि साध्वी बिदामां ने किस प्रकार अत्यधिक शारीरिक अस्वस्थता होने की स्थिति में भी मनोयोग से उस पर नियन्त्रण किया।

समारोह के मुख्य वक्ता विकास परिषद के सदस्य पदमचंद पटावरी ने कहा कि 259 साल के इतिहास में पहली बार मनाने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि साध्वी बिदामां जी के शतायु होने का कारण है उनकी निरतिचार साधना, सतत स्वाध्यायशीलता, स्वयं में चित्त समाधिस्थता और आत्म निरिक्षणता।

मुख्य अतिथि तेरापंथ महासभा के उपाध्यक्ष जसराज मालू ने कहा कि साध्वी बिदामां के दर्शनों से अलग ही अनुभूति का अहसास होता है। विशिष्ट अतिथि अभातेयुप के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कटारिया ने युवाशक्ति की ओर से साध्वी बिदामां जी के प्रति मंगलकामना की तथा इस अवसर पर सामायिक कार्यशाला का शुभारम्भ भी किया। उन्होंने 6 शाखा परषिद की ओर से 6 मासखमण साध्वी बिदामां को समर्पित किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समाजसेवी नगराज बिरमेचा ने आज के दिवस से सभी को नई सीख लेने का आहवान किया।

इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत नेहा देवी बोरड़ ने मंगलाचरण से की। स्थानीय तेरापंथ सभा के विमल दुग्गड़, महिला मण्डल की पुष्पा सांड, युवक परिषद के सुमित सांड और कन्या मण्डल संयोजिका वंदना भादाणी ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में पूर्व जिला परिषद सदस्य भीलवाड़ा मीठालाल गन्ना, लूणकरनसर पंचायत समिति प्रधान गोविन्दराम गोदारा, बृजलाल डूढ़ाणी, रामकुमार सारस्वत युवा नेता सिद्धार्थ सुराणा, वृत्ताधिकारी लूणकरनसर दुर्गपालसिंह राजपुरोहित, कालू एसएचओ परमेश्वरलाल सुथार भी उपस्थित थे।

साध्वी बिदामां के अभिवन्दना में कालू, लूणकरनसर, बीकानेर, श्रीडूंगरगढ़ महिला मण्डल, कालू कन्या मण्डल, कालू तेरापंथी सभा एवं साध्वी बिदामांजी के संसार पक्षीय नातिलों द्वारा गीतिकाओं का प्रस्तुतिकरण दिया गया। कायक्र्रम में विमल दुग्गड़, प्रकाश नाहटा, मांगीलाल पुगलिया, विनोद सिंघी, हनुमानमल गोलछा, बजरंग सांड एवं भतमल सोंलकी ने गीतों के स्वर में साध्वीश्री की अभिवन्दना की।

अभातेयुप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पन्नालाल पुगलिया ने कार्यक्रम का संयोजन किया। इससे पूर्व रविवार को कस्बे में संयम यात्रा रैली निकाली गई जो कि तेरापंथ भवन से रवाना होकर विभिन्न गली-मौहल्लों से होती हुई पुन: तेरापंथ भवन पहुंची।


धम्म जागरण से श्रोता भाव-विभोर
कालू. कस्बे के डूढ़ाणी नोहरा परिसर में साध्वी बिदामां के 101 वें वर्ष में प्रवेश पर शनिवार रात्रि को धम्म जागरण का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुम्बई की गायिका मीनाक्षी भूतोडिय़ा ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रावक-श्रावकिओं को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर अभिलाषा बांठिया एवं रिया राखेचा तथा राजेन्द्र बोथरा ने भजनों की प्रस्तुतियां दी। धम्म जागरण में काफी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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