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राजस्थान के इस शहर में ओरी का प्रकोप,अब तक पहुँच गए इतने मरीज, देखिये वीडियो

शहर से गांव तक ओरी का प्रकोप,जनवरी से अब तक 725 चिह्नित  

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dangerous disease is spreading, Patients in hospitals

राजस्थान के इस शहर में ओरी का प्रकोप,अब तक पहुँच गए इतने मरीज

बीकानेर . जिले में मीजल्स (खसरा/ओरी) रोग धीरे-धीरे पैर पसार रहा है। शहर व गांवों में बच्चों से लेकर किशोर तक इस रोग की चपेट में आ रहे हैं। सरकारी व निजी अस्पतालों में भी मीजल्स रोगी पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मार्च तक मीजल्स के करीब साढ़े तीन सौ रोगी सामने आ चुके थे, जबकि यह आंकड़ा मई तक ७२५ तक पहुंच गया है। मीजल्स छोटे बच्चों में सर्वाधिक होता है। अब यह बड़े बच्चों में भी देखने को मिल रहा है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सामने आए रोगियों में १२ से २० साल तक के युवा भी शामिल हैं। इससे विभाग के अधिकारी भी पसोपेश में हैं।

मीजल्स रोगियों के लिए जिलेभर में छह आउटब्रेक स्थान चिह्नित किए हुए हैं। इन स्थानों से मरीज आ रहे हैं। पहले नंबर पर बीकानेर शहरी क्षेत्र, दूसरे में ग्रामीण एवं तीसरे नंबर पर नोखा तहसील है। डब्ल्यूएचओ के स्थानीय कार्यालय के अनुसार बीकानेर के मुक्ताप्रसाद, गंगाशहर, भीनासर, बंगलानगर, सर्वोदय बस्ती, भीमनगर, जामसर, नापासर, नोखा, लूणकरणसर से रोगी सामने आ रहे हैं।

किया था अलर्ट
बड़ी संख्या में रोगियों के सामने आने से स्वास्थ्य विभाग के मीजल्स टीकाकरण पर सवाल उठ रहे हैं। जनवरी से इसके रोगी लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन विभाग ने अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए हैं। सूत्रों के अनुसार विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थानीय टीम ने जनवरी में ही स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया था।
संक्रमण से फैलता है

मीजल्स रोगी प्रदेशभर में रिपोर्ट हो रहे हैं। मीजल्स संक्रमण वाला रोग है, अगर किसी में इम्युनिटी नहीं है तो वह इसकी चपेट में आ जाएगा। टीकाकरण होगा तो भी छह सप्ताह तक मरीज में इम्युनिटी बनने का समय लगेगा। मीजल्स रोगियों के ब्लड सैम्पल जांच के लिए जयपुर और वायरस के सैम्पल जांच के लिए लखनऊ लैब भेज रहे हैं।
डॉ. मंजूलता शर्मा, एसएमओ, डब्ल्यूएचओ बीकानेर

लगातार आ रहे रोगी
मीजल्स के रोगी लगातार आ रहे हैं। जिन बच्चों का टीकाकरण हुआ है, वे भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। हर दिन १५ से २० नए बच्चे मीजल्स से पीडि़त होकर पहुंच रहे हैं, जिनमें से चार-पांच को भर्ती करना पड़ रहा है।
डॉ. जीएस तंवर, सह-आचार्य शिशु औषध विभाग पीबीएम अस्पताल

ये हैं हालात
२०१८ में जनवरी से ही आने लगे मीजल्स के मरीज।
मार्च तक प्रतिसप्ताह आ रहे थे
४० रोगी, अब आ रहे हर दिन
१५ से २० रोगी
जिले में ४३० रोगी सामने आए
शिशु अस्पताल में एक महीने में
ही २९५ रोगी