
संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में सरकार व भामाशाह मरीजों की सुविधा के लिए करोड़ों रुपए के उपकरण स्थापित करा रहे हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन उनकी देखरेख भी नहीं कर पा रहा है। कैंसर अस्पताल में करीब दो करोड़ का गामा कैमरा छह साल से बंद पड़ा है। वहीं हार्ट हॉस्पिटल की कैथ लैब में पांच करोड़ रुपए की एंजियोग्राफी मशीन,
पीबीएम से संबद्ध आचार्य तुलसी कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र में गामा कैमरा (मशीन) एक करोड़ 80 लाख की लागत से लगाई गई। मशीन को न्यूक्लियर मेडिसिन चिकित्सक ही संचालित कर सकता है, जो वर्तमान में नहीं है। चिकित्सक के अभाव में मशीन ही खराब हो गई। हाल ही इस मशीन की 12 लाख रुपए खर्च कर मरम्मत कराई गई है।
टरका रहे मरीजों को
हार्ट हॉस्पिटल की कैथ लैब में एंजियोग्राफी मशीन एक महीने से बंद है। इसकी एक्स-रे पिक्चर ट्यूब खराब हो गई। कंपनी के इंजीनियर ने मशीन को दुरुस्त करने में 50 लाख का खर्चा बताया है। इसे 12 साल पहले खरीदा गया था। मशीन खराब होने से अस्पताल प्रशासन मरीजों को टरका रहा है।
रोजाना 350 सोनोग्राफी
पीबीएम के रेडियोलॉजी विभाग के मुख्य भवन, जनाना अस्पताल, कैंसर अस्पताल, ट्रोमा सेंटर और आपातकालीन इकाई में रोजाना 350 से अधिक मरीजों की सोनोग्राफी होती हैं। इन विभागों में रोजाना 850 से अधिक एक्स-रे भी होते हैं।
अब दूसरे जिलों में
हॉर्ट हॉस्पिटल में रोजाना 13 से 15 एंजियोग्राफी की जाती थी। कैंसर अस्पताल भी जब गामा कैमरा चालू था, तब हर दिन 15 से 20 जांच की जाती थी। अब मरीजों को दूसरे जिलों में जाकर जांचें करानी पड़ रही है।
मशीनें शीघ्र होंगी चालू
एंजियोग्राफी मशीन सप्ताहभर में चालू हो जाएगी। इसका एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। गामा कैमरा के लिए दो चिकित्सकों के इंटरव्यू हो गए हैं। अब बोर्ड से योग्य चिकित्सक को नियुक्त कर लिया जाएगा। दो नई सोनोग्राफी मशीन शीघ्र ही स्थापित की जाएंगी। अस्पताल में बंद मशीनों की मरम्मत कराकर शीघ्र चालू कराएंगे।
डॉ. आरपी अग्रवाल, प्राचार्य, एसपी मेडिकल कॉलेज
Published on:
18 Sept 2017 08:32 am
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