
वोट करेंगे तो ही निखरेगा लोकतंत्र का रूप बीकानेर. पंच दिवसीय दीपोत्सव का आगाज शुक्रवार को धनतेरस के साथ हुआ। पर्व की खुशियां मनाने के लिए हर कोई उत्साहित है। रूप चतुर्दशी से पहले युवतियों ने भी ब्यूटी पार्लर जाकर अपना रूप निखारा। इस दौरान पार्लर संचालिका, स्टाफ और युवतियों ने एक साथ मतदन की शपथ ली। बोलीं-सबसे बड़े लोकतंत्र का रूप तो मतदान से ही निखरेगा। फोटो : नौशाद अली

रंगोली में जगमगाया पत्रिका का अभियान बीकानेर. राजस्थान पत्रिका के जागो जनमत अभियान से हर आम और खास जुड़ रहा है। अभियान से प्रेरित होकर बीकानेर शहर में इस दिवाली कई जगह रंगोली में जागो जनमत उकेर लोकतंत्र की खूबसूरती के रंग भरे गए। जागो जनमत की रंगोली सजाकर दीयों से लोकतंत्र को रोशन करती युवतियां। फोटो: नौशाद अली

वोट करें...ये हालात बदलने के लिए... बीकानेर के पुराने शहरी से सटे आवासीय घाटी क्षेत्र में पुरानी बजरी की खानों के गड्ढ़ों में भरा पड़ा है। इसके चारों तरफ आबादी होने से लोग गंदगी के चलते नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। चुनावों में बड़ी-बड़ी बातों के बीच यह गंदे पानी के तालाब जनता के मुद्दे है लेकिन कोई नहीं बोल रहा। एेसे में जनता इन मुद्दों पर प्रत्याशियों से सवाल करने के साथ ही मतदान करें ताकि हालात बदल सकें। फोटो नौशाद अली

दो टुकड़ों में बंट जाता है शहर जब इस रास्ते के बीच से निकलती है ट्रेन । बीकानेर के कोटगेट के बाहर बीच शहर के बीच से निकलती ट्रेन । क्योंकि पूरा शहर दिन में कई बार इस तरह से रुक जाता है जैसे यहां का जनजीवन ठहर गया हो। इन नजारों को लोग कैमरों में कैद करते रहते हैं । पिछले कई सालों से सरकारें आई और चली गई पर यह ओवरब्रिज का मुद्दा अपनी जगह पड़ा रहा । फिर भी चुनाव में वादे होते रहे पर चुनाव खत्म होते ही मामला शांत हो जाता है बीकानेर शहर के लोगों के लिए यह रेल फाटक नासूर बनी हुई है जिस कारण से दिन में कई बार लोगों को पीबीएम अस्पताल जाना होता है तो यहां एंबुलेंस भी रुक जाती है । फाटक खुलने के बाद जो जाम लगता है उसके डर से कई लोग अपने रास्ते बदल लेते हैं। फाटक बंद होने के बाद यहां पर खड़े वाहन वातावरण को दूषित करते रहते हैं जिससे यहां के आसपास रहने वाले लोग सांस की तकलीफ के कारण परेशानी उठा भी रहे हैं और यह फाटक दिन में एक दर्जन से ज्यादा बाद बंद होती है धनतेरस खरीदारी का जाम फोटो नौशाद अली