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तीन पीटीआई व दो शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति निरस्त

एसआईक्यूई में भर्ती के लिए वाक-इन इन्टरव्यू 15 को

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एसआईक्यूई, आरटीई और शाला दर्शन योजनाओं में 32 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति के मामले में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक पूर्ण चन्द्र किसन ने पांच कार्मिकों की प्रतिनियुक्ति निरस्त कर दी है। इनमें तीन पीटीआई तथा दो शिक्षक हैं। निदेशक की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि एसआईक्यूई का कार्य पूर्ण होने के कारण इन्हें कार्यमुक्त किया गया है।

इस बीच एसआईक्यूई परियोजना में प्रधानाध्यपक, वरिष्ठ अध्यापक तथा शारीरिक शिक्षक तृतीय श्रेणी की भर्ती के लिए 13 दिसम्बर तक आवेदन मांगे गए हैं। इन पदों पर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में 15 दिसम्बर को वाक-इन इंटरव्यू रखा गया है। गौरतलब है कि प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने एसआईक्यूई, आरटीई और शाला दर्शन में 32 शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर लगाया था।

इनमें से 31 ने कार्यभार संभाल लिया। अब पांच को कार्यमुक्त कर दिया गया है। राज्य सरकार को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से शिक्षकों को ग्रामीण स्वेच्छा सेवा नियम की अनदेखी करने, शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य में लगाने तथा प्रतिबंधित जिलों के अध्यापकों को निदेशालय में प्रतिनियुक्ति देने की शिकायतें मिली थी। राज्य सरकार के निर्देश पर इसकी जांच-पड़ताल की गई थी।

रेस्टा ने शिक्षा निदेशालय पर दिया धरना
राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ (रेस्टा) ने बुधवार को शिक्षा निदेशालय के समक्ष धरना देकर लम्बित मांगें रखी। धरने के दौरान हुई सभा को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष भैंरुराम चौधरी ने कहा कि संघ की मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। संघ प्रदेश उप सभाध्यक्ष मोहरसिंह सलावद ने कहा कि अगर मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो संघ आंदोलन तेज करेगा।

इस दौरान वक्ताओं ने सभी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में हिंदी, अंग्रेजी व्यख्याता पद सृतिज करने, स्टाफिंग पैटर्न की जल्द समीक्षा करके छात्र शिक्षक-अनुपात लागू करने, कक्षा 10 में 60 से अधिक नामांकन वाले विद्यालयों में विज्ञान संकाय खोलने सहित कई मांगें रखी।

वहीं अद्र्ध वार्षिक परीक्षा के बाद संघ आंदोलन करने की बात कही गई। इस दौरान मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए। धरने में कल्याणसिंह टेवाली, राघवेंद्र सिंह चौहान, महेंद्र मंडा, बजरंग लॉयल, मंडल अध्यक्ष टोड़ाराम गोलिया आदि मौजूद रहे।