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नहर बंदी का असर: पेयजल संकट से गांवों में बिगड़े हालात

नहरबन्दी का असर ग्रामीण अंचल की पेयजल व्यवस्था पर पडऩे लगा है।
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बीकानेर

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dinesh kumar swami

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Updated: 24 Apr 2018, 1:40 PM IST

Drinking water crisis

पेयजल संकट

महाजन. नहरबन्दी का असर ग्रामीण अंचल की पेयजल व्यवस्था पर पडऩे लगा है। महाजन क्षेत्र के गांवों में गत तीन-चार दिनों से पीने के पानी के लिए परेशानी बढऩे लगी है। शेरपुरा सहित ढाणी छिल्लां व खोडां में व्यवस्था प्रभावित होने से ग्रामीण पानी के टैंकर मंगवाने को मजबूर है। भाजपा के महाजन मण्डल अध्यक्ष राजेश सियाग ने बताया कि शेरपुरा में गत एक सप्ताह से जलापूर्ति गड़बड़ाई हुई है।

पंचायत के ढाणी छिल्लां व खोडां में भी पानी के लिए परेशानी बनी है। ग्रामीणों ने बताया कि ६० लाख की लागत से शेरपुरा-ढाणी छिल्लां के बीच बिछाई पाइप लाइन से एक दिन भी पानी की आपूर्ति नहीं हुई एवं लाइन नाकारा बन चुकी है। क्षेत्र के घेसूरा, बालादेसर, बडेरण, मनोहरिया आदि में भी गर्मी का प्रकोप बढऩे के साथ ही पेयजल संकट गहराने लगा है। परेशान ग्रामीणों ने सम्पर्क पोर्टल व सीएमओ में भी शिकायत दर्ज करवाकर लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की है।

खारी में बिजली कटौती से संकट
सुरनाणा. ग्राम खारी में पिछले कई दिनों से बिजली कटौती के चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामवासी रामकिशन मूंड ने बताया कि वोल्टेज की कमी के चलते गांव के वार्ड 5 व 6 में पानी का संकट भी गहरा गया है। लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में प्रशासन के अधिकारियों को कई बार अवगत करवाने के बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।

नलकूप शुरू, पेयजल संकट से मिलेगी राहत
महाजन. जैतपुर गांव के अगूणे बास में ग्राम पंचायत की ओर से पेयजल संकट का समाधान करने के लिए नलकूप खुदवाया गया है। सोमवार को नलकूप को मोटर लगाकर शुरू करने से लोगों को पेयजल संकट से राहत दी गई। सरपंच ओमप्रकाश ओझा ने बताया कि इस समय नहरबन्दी के कारण ग्रामीणों व पशुओं को पानी की तंगी झेलनी पड़ रही है।

इस नलकूप से कस्बे के लोगों को राहत मीलेगी। आगामी समय में इस नलकूप पर बड़ी मोटर लगाकर उच्च जलाशय से जोड़कर कस्बे में जलापूर्ति की जाएगी। इस दौरान जयनारायण पुरोहित, मूलाराम ओझा, किशोर ओझा, प्रहलाद ओझा, खियाराम राईका, श्यामलालए डालदास, श्रवण सुथार व ओमप्रकाश चाहर मौजूद थे।