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साठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ये आंधी का बवंडर और मचाया ऐसा कहर, देखिये वीडियो

साठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आए इस अंधड़ से जनजीवन अस्तव्यस्त।
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बीकानेर

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dinesh kumar swami

•

Updated: 8 May 2018, 7:56 AM IST

dust storm in bikaner

dust storm in bikaner

बीकानेर. जिले में सोमवार को फिर तेज अंधड़ आया। पश्चिम दिशा से साठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से शाम को आए अंधड़ से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। अंधड़ के बाद बारिश आई, जिससे धूल का असर कम हो गया और तेज गर्मी से लोगों को राहत मिली। शहर में अंधड़ से कोई जनहानि नहीं हुई। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में अंधड़ से दर्जनों पेड़ भी गिरे गए। कई जगह पेड़ गिरने से सड़कें जाम हो गई।

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तूफान आने के बाद एकबारगी पूरा शहर अंधेरे के आगोश में छा गया। शहर के विभिन्न स्थानों पर बिजली भी बंद हो गई। शहरी क्षेत्र को छोड़ ग्रामीण क्षेत्रों में देर रात तक बिजली व्यवस्था बहाल नहीं हुई। बताया जाता है कि कुछ गांवों में बिजली के पोल गिरने से वहां बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने में समय लगा। मौसम विभाग ने तूफान का अलर्ट जारी किया था। इसे देखते हुए नगर निगम ने पहले से ही तैयारी कर रखी थी। हालांकि शहर में किसी प्रकार की जनहानि होने के समाचार नहीं मिले हैं।

अंधड़ के बाद भी चली हवा
मौसम विभाग के अनुसार जिस समय तूफान आया था, उसकी गति साठ किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई। उसके बाद भी करीब दस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलती रही। देर रात भी शहर में तेज हवा के साथ बूंदाबांदी का दौर चला।

निगम भण्डार में रही तैयारियां
शहर में सोमवार शाम को मौसम विभाग की तरफ से तूफान की चेतावनी को लेकर नगर निगम प्रशासन अलर्ट पर रहा। निगम भण्डार गृह में आवश्यक सामान, उपकरणों के साथ करीब पचास कर्मचारी अलर्ट पर रहे।
निगम आयुक्त ताज मोहम्मद राठौड़ तूफान से पूर्व और तूफान के दौरान भण्डार में मौजूद अधिकारियों-कर्मचारियों से सम्पर्क पर रहे।

भण्डार में तूफान -बारिश को लेकर निगम की ओर से 5 पम्प, 6 हजार रेत के थैले, 8 जेसीबी, 3 ट्रेक्टर, 5 डम्पर मय ड्राईवर और स्टाफ के अलर्ट पर रहे। वहीं रस्सा, बांस आदि सामान की तैयारियां रखी गई। स्वच्छता निरीक्षक ओमप्रकाश जावा ने कहा कि शहर में कहीं नुकसान की कोई जानकारी नहीं मिली है।

दो घंटे तक ठप रही बिजली आपूर्ति

अंधड़ से पूरे शहर में बिजली आपूर्ति करीब दो घंटे तक ठप रही। इस बीच बिजली कंपनी की टीमें फाल्ट ढूंढंने और उसका निस्तारण करने में जुटी रही। शाम ७.१० बजे गुल हुई बिजली रात 8.50 के बाद सुचारु हुई। नागणेचेजी मंदिर के समीप रोड लाइट का पोल 33 केवी बिजली की लाइन पर टूटकर गिर गया। भीतरी परकोटे से लेकर पॉश कॉलोनियों तक में आंधी के बाद बिजली गुल रही।

हवा का झोंका, बिजली बंद

भरसक प्रयासों बाद भी शहरी क्षेत्र में तेज हवा के झौंके साथ ही बिजली गुल हो रही है। कंपनी का तर्क है कि आंधी-बारिश में कोई अनहोनी नहीं हो, ऐतिहात के तौर पर ही बिजली काटी जाती है। वहीं आम लोगों का कहना है कि विद्युत निगम की ओर से जब बिजली की आपूर्ति की जाती थी, तब भी यही स्थिति थी।

अधिकारी बगैर अनुमति नहीं छोड़ें मुख्यालय
बीकानेर. कार्यवाहक जिला कलक्टर यशवंत भाकर ने सोमवार को पानी एवं बिजली आपूर्ति, मौसमी बीमारियों की स्थिति सहित तूफान-चक्रवात की चेतावनी को देखते हुए समीक्षा बैठक ली। भाकर ने कहा कि आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग ने आगामी दिवसों में पश्चिमी राजस्थान में मौसम परिवर्तन के संबंध में चेतावनी जारी की है।

इसे देखते हुए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा आमजन में जागरूकता लाई जाए। उन्होंने कहा कि चार दिनों में संभावित आंधी-तूफान, चक्रवात व लू-तापघात आदि की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां की जाएं। प्रत्येक विभाग अलर्ट रहे तथा समन्वय रखें। इस दौरान बिना पूर्व अनुमति कोई भी अधिकारी मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों को इस संबंध में निर्देशित किया गया है।

सोशल मीडिया पर चले वीडियो

अंधड़ आने से पहले कुछ सोशल मीडिया गु्रप में वीडियो से उसकी भयावहता दिखाई जा रही थी, लेकिन अधिकतर वीडियो पुराने होने के समाचार भी साथ-साथ चल रहे थे।

नाल, गजनेर सहित कई गांवों में बिजली गुल

खाजूवाला. में रास्तों पर पेड़ गिरने से सड़के भी जाम हो गई। कई जगह विद्युत पोल टूट गए। यहां केवाईडी, केजेडी फीडर भी फाल्ट हो गया। अंधड़ के बाद कई जगह हल्की बरसात हुई और आरडी 682 में चने के आकाार से बड़े आकार के ओले गिरे।

नाल एयरपोर्ट सहित आस-पास के गांवों मंे अंधड़ के बाद बिजली गुल हो गई। इसके अलावा गजनेर सहित अन्य गांवों मंे बिजली चली गई। महाजन और श्रीडूंगरगढ़ में चारों ओर रेत के गुबार से दिन में ही अंधकार छा गया। पूरे क्षेत्र की विद्युतापूर्ति ठप हो गई। कस्बे व आसपास के क्षेत्र में कई जगह पोल आदि टूट गए।

वहीं कई पेड़ भी धराशायी हो गए। कस्बे सहित अरजनजऱ व अन्य गांवों में अंधड़ के बाद हुई हल्की बारिश भी हुई। सुरनाणा के कई क्षेत्रों में पेड़ गिर गए। सड़क पर मिट्टी आने से रास्ते जाम हो गए। वाहन चालको को अनेक परेशानियो का सामना करना पडा़। उधर, सूडसर कस्बे सहित आस-पास के गांवों में अंधड़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।