
रसोई गैस उपभोक्ताओं को 31 तक करवानी होगी ई-केवाईसी, अन्यथा कट जाएगा कनेक्शन
बज्जू. बैंक और इनकम टैक्स रिटर्न भरने की प्रक्रिया की तरह ही अब रसोई गैस उपभोक्ताओं का भी आधार प्रमाणीकरण (ई-केवाईसी) जरूरी होगा। भारत सरकार के तेल और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आदेश पर यह प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो इस महीने चलेगी। इससे दोहरीकरण पर भी लगाम लगेगी। आधार प्रमाणीकरण नहीं कराने पर आगामी समय में गैस कनेक्शन को अवैध घोषित किया जा सकता है।
गैस उपभोक्ताओं को संबंधित एजेंसी पर जाकर आधार प्रमाणीकरण करवाना होगा। इसके लिए एजेंसियों की ओर से उपभोक्ताओं को मैसेज भेजे जा रहे हैं। प्रमाणीकरण में फेस स्केनिंग और फिंगर प्रिंट स्केनिंग की जाएगी। गौरतलब है कि वर्ष 2022 के बाद जारी सभी गैस कनेक्शन का आधार प्रमाणीकरण किया जाता है। जबकि इससे पहले हजारों की तादाद में गैस उपभोक्ताओं का आधार प्रमाणीकरण नहीं है। शहर से लेकर गांवों तक कनेक्शन की यही स्थिति है।
पारदर्शिता लाना उद्देश्य
वर्ष 2016 से 2022 के बीच उज्ज्वला योजना के तहत लाखों की तादाद में गैस कनेक्शन दिए गए थे। ऐसे में संभव है कि किसी दूसरे के नाम का गैस कनेक्शन कोई और इस्तेमाल कर रहा हो। आधार प्रमाणीकरण से स्थिति सुधर जाएगी।
31 दिसम्बर है अंतिम तिथि
वास्तविक उपभोक्ताओं को सब्सिडी देने के लिए सरकार ने तेल कंपनियों से उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी कराने को कहा है। इसकी अंतिम तिथि 31 दिसम्बर तय की है। उपखंड में गैस एजेंसियों ने ई-केवाईसी करना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में निशुल्क कनेक्शन के लिए भी रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। डुप्लीकेशन से बचने के लिए केवाईसी जरूरी है।
प्रक्रिया में रहेगी यह चुनौती
1..गांवों में बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं, जो एक-एक साल तक गैस सिलेंडर बुक नहीं कराते हैं।
2..बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है और कनेक्शन परिजन के नाम ट्रांसफर नहीं करवाया।3..कई ऐसे उपभोक्ता भी हैं, जिनके नाम कनेक्शन यहां हैं, लेकिन वे पलायन कर बाहर रहने लगे हैं।
Published on:
15 Dec 2023 05:44 pm
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