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जोधपुर में बिजली गुल…करंट लगा बीकानेर में, जानिए कैसे

बैठक में जोधपुर जैसा हादसा न हो, इसके लिए जरूरी उपाय करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि जोधपुर के एमडीएम में अचानक बिजली चली जाने से वेंटिलेटर भी ठप पड़ गए। नतीजे में वेंटिलेटर पर ही जिंदा चल रही एक कैंसर मरीज ने दम तोड़ दिया। इसके बाद ताबड़तोड़़ कार्रवाई का सिलसिला चला। प्रिंसिपल और अधीक्षक तुरंत ही हटा दिए गए।

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जोधपुर में बिजली गुल...करंट लगा बीकानेर में, जानिए कैसे

जोधपुर में बिजली गुल...करंट लगा बीकानेर में, जानिए कैसे

जोधपुर के मुथरादास माथुर अस्पताल में गत दिनों अव्यवस्थाओं के चलते एक कैंसर मरीज की मौत के बाद बीकानेर मेडिकल कॉलेज प्रशासन एक्टिव मोड पर आ गया है। कॉलेज प्राचार्य डॉ. गुंजन सोनी ने अपने कक्ष में पीबीएम अस्पताल के सभी आईसीयू प्रभारियों, ईएमडी प्रभारी एवं नर्सिंग प्रभारियों की बैठक ली। बैठक में जोधपुर जैसा हादसा न हो, इसके लिए जरूरी उपाय करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि शनिवार 20 जनवरी को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी बीकानेर दौरे पर हैं। लिहाजा अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए।

यह हुआ था जोधपुर में

जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में बिजली गुल होने पर वेंटीलेटर बंद हो गए थे। इससे एक कैंसर मरीज की मौत हाे गई थी।

वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी दिया जोर

गुरुवार को बुलाई बैठक में डॉ. सोनी ने आईसीयू में उपयोग आने वाले सभी चिकित्सा उपकारणों, वैकल्पिक व्यवस्थाओं, ऑपरेशन थिएटर से जुड़ी सभी प्रकार की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के सख्त निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त लेखा विभाग के अधिकारियों को आईसीयू के लिए आवश्यक चिकित्सा उपकरणों को शॉर्ट टर्म टेंडर के माध्यम से पूर्ण करने को कहा।

बिजली का करंट न लगे, इसलिए...

प्राचार्य ने बैठक में ईएमडी इंचार्ज को निर्बाध विद्युत व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश दिए। जेनरेटरों के रखरखाव को पुख्ता करने एवं डीजल की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा। खासतौर पर बिजली गुल होने की स्थिति में जनरेटर शुरू करने में विलंब नहीं करने की ताकीद की। अगर किसी भवन में जनरेटर खराब चल रहे हैं, तो उन्हें तत्काल सुधारा जाए।

यह दिए सुझाव

उन्होंने आईसीयू से जुड़े सभी चिकित्सकों एवं अन्य कार्मिकों के बीच वाट्सएप ग्रुप बनाने और किसी भी आईसीयू में कोई गड़बड़ी होती है, तो ग्रुप में शेयर करने को कहा।

बनाई कमेटी

आईसीयू की चिकित्सा व्यवस्था को देखने और निरंतर मॉनिटरिंग के लिए अतिरिक्त प्राचार्य के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी समय-समय पर आईसीयू में व्यवस्थाओं की देख-रेख करेगी। बैठक में अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. सुरेन्द्र कुमार वर्मा, डॉ. जितेंद्र आचार्य, अतिरिक्त प्राचार्य एनएल महावर, डॉ. अभिषेक कोचर, संजय तिवारी सहित अन्य चिकित्सक एवं कार्मिक मौजूद रहे।

10 आईसीयू हैं पीबीएम में

पीबीएम अस्पताल में गंभीर मरीजों को भर्ती करने के लिए 10 आईसीयू बने हुए हैं। मेडिसिन विभाग के 3, बच्चा अस्पताल में एक, टीबी अस्पताल में दो, एसएसबी में एक तथा अन्य विभागों में तीन आईसीयू बने हुए हैं।