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खुली आंखों से अवमानना : बेशकीमती जमीनों पर गिद्ध दृष्टि

जलदाय विभाग के अधिकार क्षेत्र में दशकों तक कुएं के रूप में पड़ी जमीन को अपने कब्जे में लेकर न्यास प्रशासन ने अपनी मंशा प्रकट कर दी

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जमीनों को बेचकर विकास की जुगत में जुटे नगर विकास न्यास की नजरें अब आवासीय क्षेत्रों की बेशकीमती जमीनों पर है। न्यास अपने क्षेत्र में ऐसी जमीनों पर गिद्ध दृष्टि बनाए हुए है जिनको किसी प्रकार प्राप्त कर व उनको बेचकर करोड़ों रुपए प्राप्त किए जा सके। शुक्रवार को सार्दुलगंज क्षेत्र में जलदाय विभाग के अधिकार क्षेत्र में दशकों तक कुएं के रूप में पड़ी जमीन को अपने कब्जे में लेकर न्यास प्रशासन ने अपनी मंशा प्रकट कर दी है।

सालों तक आवासीय क्षेत्र के बीच में होने के बावजूद न्यास की इस ओर रही अनदेखी तथा अब अचानक हुई कार्रवाई से कई सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि जलदाय विभाग पर भी सवाल उठ रहे है कि जो जमीन दशकों तक उसके पास रही, आज जिसकी कीमत करोड़ों रुपए है उसको महज न्यास के इस आश्वासन पर छोड़ दिया गया कि उसे अन्यत्र जमीन दे दी जाएगी।

जमीन बेचकर विकास
कहने को चाहे नगर विकास न्यास शहर में करोड़ों रुपए के विकास कार्य करवा रहा है और शुरू करने जा रहा है, लेकिन इन विकास कार्यों को लेकर बेशकीमती जमीनों को औने पौने दामों पर बेचा जा रहा है। विकास कार्यों के लिए जमीनों की निर्धारित राशि से भी कम राशि पर बेचा जा रहा है। कहने को न्यास प्रशासन इसके लिए कुछ भी तर्क रखे, मगर हकीकत में जिस जमीन की कीमत गत वर्ष अधिक थी, उसे इस वर्ष उससे भी कम राशि पर बेचना कैसे जायज माना जा सकता है।

और भी जमीनों पर है नजर
जानकारी के अनुसार जमीनें बेचकर विकास की जुगत में लगे नगर विकास न्यास की सार्दुलगंज जलदाय विभाग परिसर की तरह ही न्यास क्षेत्र की और भी बेशकीमती जमीनों पर नजर है। इन जमीनों में योजना क्षेत्र की कॉलोनियों में कई भूखण्ड हैं। जिनके माध्यम से न्यास करोड़ों की आय की आस लगाए हुए है।

कोई और भी होगा विकास का विकल्प
विकास के लिए जमीनों को बेचना ही एकमात्र विकल्प नहीं है। नगर विकास न्यास को पहले अपनी योजना क्षेत्र की कॉलोनियों की ओर ध्यान देने की जरूरत है। इनमें अगर सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो जाए तो इन कॉलोनियों में खाली पड़े भूखण्डों से अच्छे राजस्व की प्राप्ति हो सकती है। न्यास योजना क्षेत्र की कॉलोनियों की जगह गैर योजना क्षेत्र की कॉलोनियों की ओर अधिक ध्यान दे रहा है। जो कई सवाल खड़े कर रहा है।
सुनीता गौड़, अध्यक्ष शहर महिला कांग्रेस, बीकानेर


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