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खेत से लेकर घर और कार तक, हर समस्या का समाधान दे रही इंजीनियर्स की भावी पीढ़ी

इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर (ईसीबी) के विद्यार्थियों के तैयार प्रोजेक्ट बड़े स्तर पर पसंद किए जा रहे हैं। कुछ समय पहले ही एक विद्यार्थी के प्रोजेक्ट का आइडिया आईआईटी खड़गपुर में चयनित हो चुका है।

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खेत से लेकर घर और कार तक, हर समस्या का समाधान दे रही इंजीनियर्स की भावी पीढ़ी

खेत से लेकर घर और कार तक, हर समस्या का समाधान दे रही इंजीनियर्स की भावी पीढ़ी

विद्यार्थी अपने हुनर और तकनीक के माध्यम से कौशल विकास कर रहे हैं। यहां का इंजीनियरिंग कॉलेज हो या पॉलिटेक्निक कॉलेज, विद्यार्थी हर साल अपने नए शोधों से चौंका रहे हैं। इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर (ईसीबी) के विद्यार्थियों के तैयार प्रोजेक्ट बड़े स्तर पर पसंद किए जा रहे हैं। कुछ समय पहले ही एक विद्यार्थी के प्रोजेक्ट का आइडिया आईआईटी खड़गपुर में चयनित हो चुका है। छात्र अपने तकनीकी कौशल के बल पर न सिर्फ अपने कॉलेज, बल्कि समस्त बीकाणा की छवि राष्ट्रीय स्तर पर टेक्नोलोजी हब के रूप में सशक्त करने में जुटे हुए हैं। पिछले कुछ समय में विद्यार्थियों की ओर से उद्योग अथवा सामाजिक स्तर पर आ रही विभिन्न समस्याओं पर केंद्रित विभिन्न उत्पादों के डिजाइन एवं विनिर्माण इसके सबूत हैं।


--पिछले कुछ सालों में तैयार खास प्रोजेक्ट
स्वचालित सिंचाई सिस्टम

खेती की प्रक्रिया में सिंचाई की अहम भूमिका होती है। जरूरत से अधिक या कम पानी देने से फसलें खराब हो सकती हैं। फसल को नियत मात्रा में जरूरत अनुसार पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा किसानों के लिए कृषि को मुनाफे वाले उद्योग में परिवर्तित करने के लिए प्रोडक्ट डिजाइन एंड इनोवेशन लैब में एक उपकरण तैयार किया गया, जो मिट्टी की नमी को माप कर स्वत: ही पानी के प्रवाह को नियंत्रित कर सकता है। पौधे की जड़ों मे कम हो गई नमी के चलते जल प्रवाह शुरू करने एवं नमी अधिक होने पर पानी के बहाव को शुरू अथवा बंद किया जा सकता है। इस उपकरण में एटमेगा–328पी नामक माइक्रो कंट्रोलर का उपयोग हुआ है। साथ ही मिट्टी की आर्द्रता नमी जांचने के लिए एक सेंसर का इस्तेमाल किया गया, जो यह सुनिश्चित करता है कि मिट्टी में जरूरत अनुसार पानी उपलब्ध है अथवा नहीं।

प्रोजेक्ट टीम: विकास, रोहन तथा भव्य।


पेल्टियर आधारित पोर्टेबल फ्रिज

प्रशीतन प्रौद्योगिकी में नवीनतम सफलता ने पेल्टियर प्रभाव से संचालित पोर्टेबल फ्रिज के आगमन के साथ एक बड़ी छलांग लगाई है। यह फ्रिज ईसीबी प्रोडक्ट डिजाइन एंड इनोवेशन लैब में बना है। यह नवाचार न केवल बेजोड़ सुविधा प्रदान करता है, बल्कि टिकाऊ और कुशल शीतलन समाधानों की संभावनाओं को भी प्रदर्शित करता है। यह फ्रिज पेल्टियर प्रभाव पर कार्य करता है, जो एक विद्युत प्रवाह को दो अलग-अलग प्रवाहकीय सामग्रियों के जंक्शन से पारित करता है। ऐसे में यह तापमान में अंतर बनाता है, जिसमें एक पक्ष गर्म हो जाता है, जबकि दूसरा ठंडा। यह प्रभाव थर्मोइलेक्ट्रिक शीतलन का आधार बनाता है और यह वही है. जो इन पोर्टेबल फ्रिज को शक्ति देता है।
प्रोजेक्ट टीम: हरी सिंह तंवर, करण तथा हरिनारायण सुथार।

कार अग्निशमन प्रणाली

कई बार चलती गाड़ियों में आग लग जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए एक यंत्र तैयार किया गया, जो आग डिटेक्ट करेगा तथा उसे स्वतः ही बुझा भी देगा। इसमें ईएसपी-32 माइक्रो कंट्रोलर और एक सेंसर का उपयोग किया गया है, जो आग को डिटेक्ट करता है और उस पर कार्बन डाई ऑक्साइड गैस सिलिंडर से गैस तथा पानी का छिड़काव करके उस आग को बुझा देगा।

प्रोजेक्ट टीम: प्रेम, अरबाज तथा प्रवीण।

बेहतर तकनीक उपलब्ध करवाना प्राथमिकता

सामाजिक हो या आर्थिक मोर्चा, चुनौतियों से जूझने का जिम्मा इंजीनियर्स के कंधों पर ही है। मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च तथा इनोवेशन के बल पर उद्योग जगत को सशक्त बनाना, आम जन को बेहतर तकनीक उपलब्ध करवाना इंजीनियर्स की प्रमुख प्राथमिकता है।

डॉ. मनोज कुडी, प्राचार्य, ईसीबी

टॉपिक एक्सपर्ट

भविष्य की इंजीनियरिंग

प्रकृति के मूलभूत सिद्धांतों की समझ के साथ अपनी बुद्धि के विकास एवं इसी बुद्धिमता के बल पर जरूरतों, इच्छाओं, सुरक्षा इत्यादि की चुनौतियों का सामना करने की साहसिक मानसिक अवस्था ही इंजीनियरिंग कहलाती है। नए उपभोक्तावादी आधुनिक परिदृश्य में मशीनों के ताकतवर तथा विभिन्न कार्यक्षमताओं से लैस होने के साथ साथ बुद्धिमत्ता से युक्त होने की भी अपेक्षा की जाने लगी है। माइक्रोकंट्रोलर, पीएलसी अथवा स्काडा आधारित कंट्रोल प्रणाली के उपयोग से मशीनों में कृत्रिम बुद्धिमता का निर्माण किया जा सकता है। इससे मशीन अथवा कोई भी तंत्र अपने निर्णय स्वयं लेते हुए स्वचालित अवस्था में कार्य कर सकता है। छात्रों को मानसिक एवं शारीरिक सशक्तता के साथ एआई के लिए कोडिंग, नेटवर्किंग, एम्बेडेड माइक्रोकंट्रोलर तथा सेंसर टेक्नोलोजी के साथ-साथ चिप डिजाइन एवं इलेक्ट्रॉनिक फैब्रिकेशन टेक्नोलॉजी में अपने हुनर को विकसित करना एक बेहतरीन भविष्य की गारंटी होगा ।

-डॉ. राहुल राज चौधरी, एसोसिएट प्रोफेसर, इनोवेशन सेल, ईसीबी