
बीकानेर. गुरुवार रात करीब 8 बजे के आसपास लालगढ़ स्टेशन के पास अचानक तेज आवाज आते ही हर कोई इधर-उधर पता करने में जुट गया। लोग रेलवे ट्रैक की तरफ आने शुरू हो गए। पता चला कि एक ट्रेन की बोगियां पटरी से उतर गई हैं। दरअसल, गुरुवार को लालगढ़ रेलवे स्टेशन के पास स्थित रेल फाटक के पास लालगढ़-जैसलमेर ट्रेन के दो डिब्बे पटरी से उतर गए थे। हादसे के समय ट्रेन पूरी खाली थी। ट्रेन सुबह रवाना होनी थी। रेल अधिकारियों के अनुसार इसके डिब्बे जरूरत के हिसाब से ट्रेन में उपयोग होने थे। ट्रेन वाशिंग लाइन से यार्ड की तरफ जा रही थी, जब हादसे का शिकार हुई। सूचना मिलते ही पूरा रेल प्रशासन मौके पर पहुंचा और ट्रेन को वापस पटरी पर लाने के प्रयास में जुट गया फोटो नौशाद अली।

बीकानेर. गुरुवार रात करीब 8 बजे के आसपास लालगढ़ स्टेशन के पास अचानक तेज आवाज आते ही हर कोई इधर-उधर पता करने में जुट गया। लोग रेलवे ट्रैक की तरफ आने शुरू हो गए। पता चला कि एक ट्रेन की बोगियां पटरी से उतर गई हैं। दरअसल, गुरुवार को लालगढ़ रेलवे स्टेशन के पास स्थित रेल फाटक के पास लालगढ़-जैसलमेर ट्रेन के दो डिब्बे पटरी से उतर गए थे। हादसे के समय ट्रेन पूरी खाली थी। ट्रेन सुबह रवाना होनी थी। रेल अधिकारियों के अनुसार इसके डिब्बे जरूरत के हिसाब से ट्रेन में उपयोग होने थे। ट्रेन वाशिंग लाइन से यार्ड की तरफ जा रही थी, जब हादसे का शिकार हुई। सूचना मिलते ही पूरा रेल प्रशासन मौके पर पहुंचा और ट्रेन को वापस पटरी पर लाने के प्रयास में जुट गया। लगभग 100 से अधिक कार्मिक इस काम लगे रहे। इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक आशीष कुमार, एडीआरएम रूपेश कुमार, सीनियर डीसीएम महेश चंद जेवलिया सहित रेलवे के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीआरएम आशीष कुमार के अनुसार, ये खाली डिब्बे थे। जिनका उपयोग जरूरत के अनुसार किसी भी ट्रेन में किया जाता है। इससे कोई ट्रेन प्रभावित नहीं हुई है। रूट सभी क्लीयर है। फोटो नौशाद अली।

बीकानेर. गुरुवार रात करीब 8 बजे के आसपास लालगढ़ स्टेशन के पास अचानक तेज आवाज आते ही हर कोई इधर-उधर पता करने में जुट गया। लोग रेलवे ट्रैक की तरफ आने शुरू हो गए। पता चला कि एक ट्रेन की बोगियां पटरी से उतर गई हैं। दरअसल, गुरुवार को लालगढ़ रेलवे स्टेशन के पास स्थित रेल फाटक के पास लालगढ़-जैसलमेर ट्रेन के दो डिब्बे पटरी से उतर गए थे। हादसे के समय ट्रेन पूरी खाली थी। ट्रेन सुबह रवाना होनी थी। रेल अधिकारियों के अनुसार इसके डिब्बे जरूरत के हिसाब से ट्रेन में उपयोग होने थे। ट्रेन वाशिंग लाइन से यार्ड की तरफ जा रही थी, जब हादसे का शिकार हुई। सूचना मिलते ही पूरा रेल प्रशासन मौके पर पहुंचा और ट्रेन को वापस पटरी पर लाने के प्रयास में जुट गया। लगभग 100 से अधिक कार्मिक इस काम लगे रहे। इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक आशीष कुमार, एडीआरएम रूपेश कुमार, सीनियर डीसीएम महेश चंद जेवलिया सहित रेलवे के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीआरएम आशीष कुमार के अनुसार, ये खाली डिब्बे थे। जिनका उपयोग जरूरत के अनुसार किसी भी ट्रेन में किया जाता है। इससे कोई ट्रेन प्रभावित नहीं हुई है। रूट सभी क्लीयर है। फोटो नौशाद अली।

बीकानेर. गुरुवार रात करीब 8 बजे के आसपास लालगढ़ स्टेशन के पास अचानक तेज आवाज आते ही हर कोई इधर-उधर पता करने में जुट गया। लोग रेलवे ट्रैक की तरफ आने शुरू हो गए। पता चला कि एक ट्रेन की बोगियां पटरी से उतर गई हैं। दरअसल, गुरुवार को लालगढ़ रेलवे स्टेशन के पास स्थित रेल फाटक के पास लालगढ़-जैसलमेर ट्रेन के दो डिब्बे पटरी से उतर गए थे। हादसे के समय ट्रेन पूरी खाली थी। ट्रेन सुबह रवाना होनी थी। रेल अधिकारियों के अनुसार इसके डिब्बे जरूरत के हिसाब से ट्रेन में उपयोग होने थे। ट्रेन वाशिंग लाइन से यार्ड की तरफ जा रही थी, जब हादसे का शिकार हुई। सूचना मिलते ही पूरा रेल प्रशासन मौके पर पहुंचा और ट्रेन को वापस पटरी पर लाने के प्रयास में जुट गया। लगभग 100 से अधिक कार्मिक इस काम लगे रहे। इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक आशीष कुमार, एडीआरएम रूपेश कुमार, सीनियर डीसीएम महेश चंद जेवलिया सहित रेलवे के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीआरएम आशीष कुमार के अनुसार, ये खाली डिब्बे थे। जिनका उपयोग जरूरत के अनुसार किसी भी ट्रेन में किया जाता है। इससे कोई ट्रेन प्रभावित नहीं हुई है। रूट सभी क्लीयर है। फोटो नौशाद अली।

बीकानेर. गुरुवार रात करीब 8 बजे के आसपास लालगढ़ स्टेशन के पास अचानक तेज आवाज आते ही हर कोई इधर-उधर पता करने में जुट गया। लोग रेलवे ट्रैक की तरफ आने शुरू हो गए। पता चला कि एक ट्रेन की बोगियां पटरी से उतर गई हैं। दरअसल, गुरुवार को लालगढ़ रेलवे स्टेशन के पास स्थित रेल फाटक के पास लालगढ़-जैसलमेर ट्रेन के दो डिब्बे पटरी से उतर गए थे। हादसे के समय ट्रेन पूरी खाली थी। ट्रेन सुबह रवाना होनी थी। रेल अधिकारियों के अनुसार इसके डिब्बे जरूरत के हिसाब से ट्रेन में उपयोग होने थे। ट्रेन वाशिंग लाइन से यार्ड की तरफ जा रही थी, जब हादसे का शिकार हुई। सूचना मिलते ही पूरा रेल प्रशासन मौके पर पहुंचा और ट्रेन को वापस पटरी पर लाने के प्रयास में जुट गया। लगभग 100 से अधिक कार्मिक इस काम लगे रहे। इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक आशीष कुमार, एडीआरएम रूपेश कुमार, सीनियर डीसीएम महेश चंद जेवलिया सहित रेलवे के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीआरएम आशीष कुमार के अनुसार, ये खाली डिब्बे थे। जिनका उपयोग जरूरत के अनुसार किसी भी ट्रेन में किया जाता है। इससे कोई ट्रेन प्रभावित नहीं हुई है। रूट सभी क्लीयर है। फोटो नौशाद अली।