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यहां आज भी दीपावली पर सजता है फुटपाथ का बाजार

बीकानेर से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित उपनगरीय क्षेत्र गंगाशहर में आज भी दीपोत्सव के दौरान फुटपाथ पर बाजार लगता है। यहां दुकानों में तो बिक्री होती ही है, फुटपाथ पर लगी अस्थाई दुकानों में भी खरीदारों की रौनक देखने को मिलती है।

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गंगाशहर में लगी दुकान।

मोबाइल और ऑनलाइन मार्केटिंग के इस दौर में आज भी लोगों का भरोसा बाजार में जाकर खरीदारी करने पर ही कायम है। खासकर दीपोत्सव के दौरान बाजारों में खरीदारों की रौनक परवान पर रहती है। दुकानों और शोरूमों के बाहर बिजली से चमचमाते डिस्प्ले बोर्ड हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। हालांकि, बीकानेर से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित उपनगरीय क्षेत्र गंगाशहर में आज भी दीपोत्सव के दौरान फुटपाथ पर बाजार लगता है। यहां दुकानों में तो बिक्री होती ही है, फुटपाथ पर लगी अस्थाई दुकानों में भी खरीदारों की रौनक देखने को मिलती है। हालांकि समय के साथ-साथ अब इन दुकानों में भी बदलाव हो रहा है। पहले दरी और ऊपर छांव के लिए कपडा बांध दुकान तैयार हो जाती थीं। अब बड़ी टेबल और कुर्सी लगा कर दुकानों को तैयार किया जाता है। वैसे कुछ दुकानें आज भी पुराने ही पैटर्न पर तैयार हो रही हैं। इन दुकानों में घरेलू सामान के साथ-साथ मिट्टी और प्लास्टिक के बर्तन, जरूरत की वस्तु सहित कई तरह का सामान मिल जाता है।

100 से अधिक दुकानें

एक समय था, जब सीमित अस्थाई दुकानें ही लगती थीं। लेकिन अब 100 से अधिक अस्थाई दुकानें लगनी शुरू हो गई हैं। आसपास के क्षेत्र के लोग गंगाशहर में अस्थाई दुकानें लगाने के लिए आते हैं। समय के साथ-साथ दुकानों का क्षेत्र भी बढ़ रहा है। पहले मुख्य बाजार में ही दुकानें लगती थीं। लेकिन अब दीपोत्सव के दौरान भीनासर से लेकर तेरापंथ भवन गंगाशहर तक दुकानें लगने लग गईं।

तैयार होते हैं मिट्टी से बने बर्तन

उपनगरीय क्षेत्र गंगाशहर मिट्टी से बने बर्तन के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां पर कई जगहों पर मिट्टी से बने बर्तनों का निर्माण किया जाता है। दीपावली पर बड़ी संख्या में दीपक तैयार करने का काम भी होता है। सबसे खास बात है बीकानेर सहित आसपास के क्षेत्रों में यहीं से बड़ी संख्या में दीपक भेजे जाते हैं।

लोग खुद आकर खरीदना करते हैं पसंद

ऑनलाइन मार्केटिंग सिस्टम के बाद भी दीपावली के त्योहार पर सड़क के किनारे फुटपाथ पर बैठकर सामान बेचने वालों के पास भीड़ लगी रहती है। लोगों का आज भी इन्हीं पर भरोसा है। इसी के चलते आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से मिट्टी के बर्तन हों या सजावटी सामान, खुद आकर खरीदते हैं। -देवेन्द्र बैद, व्यापारी

मिल रही बेहतर सुविधा

पिछले वर्षों के मुकाबले गंगाशहर में भी बेहतर सुविधा मिलनी शुरू हो गई है। यहां भी मिठाइयां, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सहित अन्य सामानों की दुकानें खुल गई हैं। साथ ही ऑनलाइन के मुकाबले बेहतरीन सुविधा, क्वालिटी और कम कीमत भी दी जा रही है।

सुशील कुमार सेठिया, व्यापारी