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बीकानेर. संगीत भारती व तोलाराम हंसराज डागा चेरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को तीन दिवसीय डॉ.जयचंद्र शर्मा स्मृति संगीतोत्सव शुरू हुआ। पहले दिन नृत्य नाटिका का मंचन हुआ। इस मौके पर साहित्यकार डॉ.नंदकिशोर आचार्य ने कहा कि संगीत में सृष्टि के आनन्द की अनुभूति है। संगीत हमें अर्थोत्तर उत्कर्ष की ओर ले जाता है। डॉ.आचार्य ने डॉ.जयचन्द्र शर्मा की संगीत साधना को रेखांकित करते हुए कहा कि कथक नृत्य में उनका शोध उल्लेखनीय है।
भवानीशंकर व्यास ने कहा कि डॉ.जयचन्द्र शर्मा ने संगीत और साहित्य के मध्य अटूट सम्बन्ध स्थापित किया। मंडल रेल प्रबंधक अनिल कुमार दुबे ने कहा कि यदि हमने शास्त्रीय संगीत को नहीं बचाया तो वह आज के शोरगुल में गायब हो जाएगा। संगीत भारती के निदेशक डॉ.मुरारी शर्मा ने कहा कि आज की पीढ़ी को अपनी विरासत से जोडऩा आवश्यक है।
राजाराम स्वर्णकार ने डॉ.जयचन्द्र शर्मा के व्यक्तित्व-कृतित्व पर पत्रवाचन किया। ट्रस्ट अध्यक्ष हंसराज डागा, लूणकरण छाजेड, चन्द्रशेखर जोशी, कामेश्वर प्रसाद सहल, नीरज दैया, मंजूर अली चन्दवानी, ऋषिकुमार अग्रवाल, हनुमान कच्छावा, अकबर खान, डॉ.ओम कुबेरा, मनोज कामरा आदि मौजूद रहे।
नृत्य नाटिका मंचित
शाम को भातखंडे संगीत समारोह में जयपुर के जयकुमार जवडा ने कथक नृत्य की प्रस्तुति दी। इस दौरान गायक सांवरलाल कथक को डॉ.जयचन्द्र शर्मा पुरस्कार से नवाजा गया। सितार पर किशन कथक ने प्रस्तुति से समां बांध दिया। नृत्य नाटिका पंचवटी का मंचन संगीत भारती के कलाकारों ने किया। राजाराम स्वर्णकार के लिखित नृत्य नाटिका का निर्देशन डॉ.मुरारी शर्मा ने किया।
गूंजे लोक गीत
अखिल भारतीय संगीत कला प्रतियोगिता के साम्प्रदायिक सद्भावना के गीत में लोपामुद्रा आचार्य और मोनिका प्रजापत ने प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में सारंगीवादक उस्ताद रज्जब अली, कवि बुलाकी शर्मा, राजेन्द्र जोशी, संगीतज्ञ हेमंत भट्ट का सम्मान किया गया ।
वायलिन वादन आज
संगीतोत्सव में रविवार शाम को वनस्थली के डॉ.सुजीत देवघरिया का वायलिन वादन होगा। लखनऊ के शिवार्ग भट्टाचार्य का तबला वादन होगा। साथ ही शास्त्रीय गायन, कथक नृत्य की प्रतियोगिताएं होगी।
Published on:
11 Nov 2018 09:31 am
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