
अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार से चौखूंटी फाटक के पास तीन दिवसीय कार्यक्रम शुरू हुआ। डॉ. सुषमा बिस्सा के नेतृत्व में शुरू हुए कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य व स्वच्छता विषय पर विचार-विमर्श किया गया। पहले दिन विश्व स्वास्थ्य संगठन अधिकारी डॉ. मंजुलता शर्मा ने महिलाओं के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों को होने वाली बीमारियों की रोकथाम के उपाय बताए।
भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष मधुरिमा सिंह ने महिला शिक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिला शिक्षित होगी तो अपने परिवार को शिक्षित करेगी। सुषमा बिस्सा ने कहा कि महिलाओं को घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। संचालन आशा पारीक ने किया। कार्यक्रम में कलावती, गायत्री, आशा सोनी, भानुप्रिया आदि मौजूद रही।
कार्यशाला आज
कार्यक्रम में दूसरे दिन बुधवार को महिलाओं के लिए सेल्फडिफेंस व एडवेन्चर के लिए डॉ. करणीसिंह स्टेडियम, टेबल टेनिस हॉल परिसर में निशुल्क कार्यशाला होगी। वहीं गुरुवार को रंगोली, चित्रकला प्रतियोगिता होगी।
होगा सम्मान
दर्पण फेस टू फेस फाउण्डेशन ट्रस्ट की ओर से रेलवे ऑफिसर क्लब में सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। संयोजक करण सोनी ने बताया महिला दिवस पर राजनीति, खेलकूद व अन्य क्षेत्र की प्रतिभाशाली 50 महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। उधर, जन जीवन कल्याण सेवा समिति की ओर से जस्सूसर गेट के बाहर पीएसडी भवन में सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी अध्यक्ष एनडी रंगा ने दी।
काव्य गोष्ठी 11 को
जनवादी लेखक संघ की ओर से नारी प्रतिरोध के स्वर विषयक महिला काव्य गोष्ठी ११ मार्च को गांधी बाल उच्च प्राथमिक विद्यालय में आयोजित की जाएगी। यह जानकारी विप्लव व्यास ने दी।
संरक्षण अधिनियम की जानकारी दी
घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 व नियम 2006 पर एक दिवसीय कार्यशाला मंगलवार को महिला थाना परिसर में आयोजित की गई। कार्यशाला में जिले के संरक्षण अधिकारी, सेवा प्रदाता, सखी वन स्टॉप सेंटर के काउंसलर व जिला महिला समिति के सदस्य व सीडब्ल्यूसी के सदस्यों ने भाग लिया। विशिष्ट अतिथि स्काउट एवं गाइड की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. विमला डुकवाल ने बेटे व बेटी के बीच फ र्क मिटाने का आह्वान किया।
महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक रचना भाटिया ने कहा कि शोषण सहना कायरता है और महिलाएं किसी भी प्रकार की शारीरिक व मानसिक प्रताडऩा की शिकार नहीं हों, इसके लिए उन्हें अपना आत्मविश्वास बढ़ाना होगा। महिला थानाधिकारी सुमन ने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा से रोकथाम में महिलाओं को पुलिस की तरफ से पूरी मदद उपलब्ध करवाई जाएगी। महिला अधिकारिता की सहायक निदेशक मेघा रतन ने अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सीडीपीओ नवरंग मेघवाल, रामप्रसाद हर्ष ने भीविचार रखें।
Published on:
07 Mar 2018 12:38 pm
बड़ी खबरें
View Allबीकानेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
