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Rajasthan News : मातृभूमि की रक्षा करते BSF जवान नरेंद्र डूडी शहीद, सांसद हनुमान बेनीवाल ने उठा डाली ये मांग

नरेंद्र डूडी बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) में बतौर कांस्टेबल तैनात थे। ड्यूटी के दौरान अपनी सेवाओं का निर्वहन करते हुए वे शहीद हो गए। शनिवार को जैसे ही उनकी पार्थिव देह जयपुर एयरपोर्ट पहुंची, माहौल गमगीन हो गया।

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राजस्थान की वीर धरा ने मातृभूमि की रक्षा में अपना एक और सपूत खो दिया है। बीकानेर जिले के नोखा विधानसभा क्षेत्र के साधूना गांव निवासी बीएसएफ (BSF) जवान नरेंद्र डूडी ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए हैं। शनिवार सुबह शहीद नरेंद्र डूडी की पार्थिव देह इंडिगो की फ्लाइट से कोलकाता से जयपुर एयरपोर्ट पहुंची, जहां से सम्मान के साथ एंबुलेंस से रवाना किया गया।

कोलकाता से जयपुर पहुंची पार्थिव देह

नरेंद्र डूडी बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) में बतौर कांस्टेबल तैनात थे। ड्यूटी के दौरान अपनी सेवाओं का निर्वहन करते हुए वे शहीद हो गए। शनिवार को जैसे ही उनकी पार्थिव देह जयपुर एयरपोर्ट पहुंची, माहौल गमगीन हो गया। एयरपोर्ट पर बीएसएफ के अधिकारियों और जवानों ने शहीद को पुष्पचक्र अर्पित कर सम्मान दिया। इसके बाद एंबुलेंस के जरिए पार्थिव देह को उनके पैतृक गांव साधूना (नोखा) के लिए रवाना किया गया।

पूरे क्षेत्र में शोक की लहर

नरेंद्र डूडी की शहादत की खबर मिलते ही नोखा और साधूना गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। शहीद के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, लेकिन पूरे क्षेत्र को अपने इस वीर सपूत पर गर्व है। आज शाम या कल सुबह तक शहीद का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। ग्रामीणों ने शहीद की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में जुटने की तैयारी की है।

शहादत के सम्मान की मांग

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय संयोजक और सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। बेनीवाल ने बीकानेर जिला कलेक्टर और बीएसएफ के उच्च अधिकारियों से फोन पर वार्ता की।

बेनीवाल ने मांग की है कि शहीद नरेंद्र डूडी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान (Guard of Honour) के साथ किया जाए। ड्यूटी के दौरान शहादत होने पर मिलने वाले समस्त परिलाभ और सहायता राशि शहीद के परिजनों को अविलंब दी जाए।

सांसद ने सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्रालय, अमित शाह और बीएसएफ इंडिया को टैग करते हुए अनुरोध किया है कि जवान की सेवाओं को सर्वोच्च सम्मान दिया जाए। साथ ही, उन्होंने आरएलपी कार्यकर्ताओं को शहीद के परिजनों की सहायता के लिए मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं।

राजस्थान की परंपरा: शहादत को नमन

राजस्थान हमेशा से वीरों की भूमि रही है। नरेंद्र डूडी की शहादत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रदेश के युवा देश की सीमाओं की रक्षा के लिए प्राणों की बाजी लगाने से पीछे नहीं हटते। सोशल मीडिया पर भी 'शहीद नरेंद्र डूडी अमर रहें' के नारे गूंज रहे हैं और लोग उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं।