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Rajasthan Schools : राजस्थान के शिक्षा विभाग का नया आदेश, टीसी रोकी तो कड़ी कार्रवाई होगी

Rajasthan Schools : राजस्थान में निजी स्कूलों में टीसी न देने पर पर शिक्षा विभाग सख्त हुआ। शिक्षा निदेशक सीताराम जाट चेतावनी दी कि यदि आवेदन करने के बावजूद विद्यालय टीसी जारी नहीं करता है तो संबंधित संस्था पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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Rajasthan Education Department New Order If TC is stopped strict action

फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan Schools : राजस्थान में निजी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के स्कूल बदलने या पढ़ाई पूरी होने पर टीसी मांगने पर विवाद सामने आते रहते है। शिक्षा निदेशालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए अब सख्त आदेश जारी किए है। इसके अनुसार टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) जारी नहीं करने के मामलों को निदेशालय गंभीरता से लेगा।

शिक्षा निदेशक सीताराम जाट के अनुसार अब किसी भी स्थिति में विद्यार्थियों की टीसी रोकना उचित नहीं माना जाएगा। जो विद्यार्थी अन्य विद्यालय में प्रवेश लेना चाहते हैं, उन्हें उनके माता-पिता या अभिभावक के आवेदन पर तत्काल टी.सी. प्रदान करनी होगी। जिससे विद्यार्थी की पढ़ाई बाधित नहीं हो।

किसी भी सूरत में नहीं रोक सकते

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों के बीच किसी प्रकार का विवाद हो, तब भी छात्र की टीसी नहीं रोकी जाएगी। विद्यार्थी के हित को सर्वोपरि रखते हुए निजी स्कूलों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि शिक्षा निरंतर जारी रहे।

रोकी तो होगी कार्रवाई

शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि आवेदन करने के बावजूद कोई विद्यालय टीसी जारी नहीं करता है तो संबंधित संस्था के खिलाफ राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अब बच्चे बदल सकेंगे अपना ‘निरर्थक’ नाम - शिक्षा विभाग

शिक्षा विभाग ने बच्चों को ‘निरर्थक’ नामों से मुक्ति दिलाने की पहल की है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बुधवार को प्रेसवार्ता में कहा कि विभाग ऐसे बच्चों को अपने नाम और उपनाम बदलने का अवसर देगा, जिनके नाम अर्थहीन या मजाक का कारण बनते हैं। मंत्री ने माना कि कई बार अभिभावक अनजाने में बच्चों के ऐसे नाम रख देते हैं, जो बड़े होने पर परेशानी और उपहास का कारण बनते हैं।

मंत्री ने कहा कि हम चाहते हैं कि बच्चों का नाम उनकी पहचान बने, मजाक नहीं। ऐसे बच्चों को अब सार्थक नाम चुनने का अवसर दिया जाएगा। यह पहल खास तौर पर उन विद्यार्थियों के लिए राहत लेकर आएगा, जो वर्षों से अपने नाम को लेकर असहज महसूस करते रहे हैं। इसके लिए विभाग खुद करीब दो हजार नामों की सूची तैयार करेगा, जहां प्रवेश के समय अभिभावकों को विकल्प के तौर पर दिए जाएंगे। यह नई योजना बच्चों के लिए बड़ी राहत होगी।