
पीबीएम अस्पताल में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने ली समीक्षा बैठक, पत्रिका फोटो
Government Hospital Issue: बीकानेर संभाग के सबसे बड़े सरकारी पीबीएम अस्पताल में मरीजों को कैनुला-दस्ताने जैसी जरूरी चिकित्सा सामग्री नहीं मिलने के अचानक आए सवाल पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर अचकचा गए। समीक्षा बैठक में जाने से ठीक पहले जब पत्रकारों ने अस्पताल में कैनुला, पीओपी पट्टी और अन्य जरूरी सामग्री की कमी का मुद्दा उठाया, तो मंत्री पिंड छुड़ाते दिखे।
सीधे सवाल का घुमावदार जवाब देते हुए कहा अभी तो निरीक्षण पर हूं। मीटिंग में पूछूंगा। हालांकि, बाद में अस्पताल में हुई समीक्षा बैठक में उनकी तल्खी सामने भी आई, जब उन्होंने कहा कि इलाज में लापरवाही या संसाधनों की कमी अब किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने जोड़ा कि कोटा जैसा एपिसोड अब बर्दाश्त नहीं होगा। मरीजों के उपचार में तय मानकों का पालन हर हाल में सुनिश्चित करना होगा, ताकि सरकारी अस्पतालों पर आमजन का भरोसा बना रहे।
बैठक के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने पीबीएम अस्पताल प्रशासन से पूछा कि मरीजों को कैनुला और पीओपी पट्टी जैसी बुनियादी सामग्री तक क्यों उपलब्ध नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि सप्लाई या खरीद प्रक्रिया में कोई दिक्कत है, तो उसे तत्काल दूर किया जाए। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने समय-समय पर पीबीएम अस्पताल में कैनुला, पीओपी पट्टी और विभिन्न दवाइयों की कमी को लेकर खबरें प्रकाशित कर प्रशासन को आगाह किया था। पहले प्रेस से बातचीत में और बाद में समीक्षा बैठक में यही मुद्दा प्रमुखता से उठा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बैठक के दौरान राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड (RMSCL) के अधिकारियों से फोन पर बात कर दवाइयों और आवश्यक चिकित्सा सामग्री की सप्लाई में आ रही बाधाओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को छोटी-छोटी जरूरी चीजों के लिए भटकना नहीं पड़े, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
डॉ. सुरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि आवश्यक सामग्री की आपूर्ति के लिए संबंधित विभाग को पहले ही अवगत कराया गया है। उन्होंने स्वीकार किया कि दवाइयों और कैनुला खरीद के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया में कुछ कारणों से देरी हुई, लेकिन अब जल्द ही व्यवस्था सुचारू कर दी जाएगी।
बैठक में पीबीएम अस्पताल की आईपीडी, ओपीडी, भवनों की स्थिति, सरकारी योजनाओं और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने मेडिकल कॉलेज, पीबीएम और एसएसबी अस्पताल की संयुक्त टीम को अगले सप्ताह जयपुर बुलाकर लंबित मांगों और समस्याओं का प्रस्तुतिकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में विधायक जेठानंद व्यास, सिद्धी कुमारी सहित जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे।
Updated on:
27 May 2026 09:48 am
Published on:
27 May 2026 09:47 am
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