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Rajasthan : शिक्षा विभाग में कार्यरत बीएड योग्यताधारी तृतीय श्रेणी प्रयोगशाला सहायकों के लिए पदोन्नति के नए अवसर खुल गए है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने आदेश जारी कर ऐसे प्रयोगशाला सहायकों को वरिष्ठ अध्यापक पदों की वरिष्ठता एवं पात्रता सूची में शामिल करने के निर्देश दिए है। इससे अब पात्र प्रयोगशाला सहायकों को वरिष्ठ अध्यापक पदों पर भी पदोन्नति मिल सकेगी। निदेशालय ने सभी संभागीय कि उनके अधीन कार्यरत बीएड योग्यताधारी तृतीय श्रेणी प्रयोगशाला सहायकों को वरिष्ठ अध्यापक पदों की वरिष्ठता-सह-पात्रता सूची में शामिल किया जाए। यदि वे नियमानुसार पात्र पाए जाते हैं, तो उन्हें वरिष्ठ अध्यापक पद पर पदोन्नत किया जा सकेगा।
वर्तमान व्यवस्था में तृतीय श्रेणी प्रयोगशाला सहायकों को अगली पदोन्नति वरिष्ठ प्रयोगशाला सहायक पद पर ही मिलती थी। हालांकि बीएड योग्यता रखने के बावजूद उन्हें वरिष्ठ अध्यापक पदों पर पदोन्नति का लाभ नहीं दिया जा रहा था। इससे लंबे समय से कर्मचारी वर्ग में असंतोष था।
राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने इस मुद्दे को उठाते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशक को ज्ञापन सौंपा था। संघ ने मांग की थी कि बीएड योग्यताधारी प्रयोगशाला सहायकों से विकल्प लेकर उन्हें भी वरिष्ठ अध्यापक पदों पर पदोन्नति का
वहीं दूसरी तरफ शिक्षा विभाग ने बच्चों को शुरुआती कक्षाओं से ही अनुशासन और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निजी स्कूलों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए है। इसके तहत प्रत्येक निजी विद्यालय में तीन सदस्यीय सतर्कता समिति गठित करना अनिवार्य होगा।
शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की ओर से जारी आदेशों में विद्यार्थियों की अनुपस्थिति, देरी से आने, स्कूल समय से पहले जाने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए है। साथ ही खेलकूद के दौरान शिक्षकों की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि बच्चों की सुरक्षा और अनुशासन दोनों बनाए रखे जा सकें। छोटे विद्यार्थियों पर विशेष फोकस छोटी कक्षाओं के विद्यार्थियों के हाव-भाव और व्यवहार पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, जिससे उनमें प्रारंभिक स्तर से सकारात्मक संस्कार और अनुशासन विकसित हो सके।
विभाग का मानना है कि समय रहते बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देने से उन्हें गलत संगत और अनुचित प्रवृत्तियों से दूर रखा जा सकेगा। विद्यालयों में विद्यार्थियों के मोबाइल फोन के उपयोग पर रोक लगाई गई है। कंप्यूटर, टैबलेट और लैपटॉप जैसे डिजिटल उपकरणों का उपयोग केवल शिक्षक की निगरानी में ही कराया जाएगा।
सुरक्षा मानकों की पालना होगी अनिवार्य
शिक्षा विभाग ने विद्यालय परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सख्त निर्देश दिए हैं। बालक और बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय एवं मूत्रालय पर्याप्त दूरी पर रखने को कहा गया है। विद्यालय में अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स और सुरक्षित पेयजल व्यवस्था अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी। यदि विद्यालय परिसर में अंडरग्राउंड टैंक, कुआं या अन्य खुला जल स्रोत है, तो उसे पूरी तरह ढककर ताले से सुरक्षित रखना होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि विद्यालय परिसर से हाईटेंशन विद्युत लाइन नहीं गुजर रही हो। किसी भी जर्जर, क्षतिग्रस्त या असुरक्षित भवन तथा भूमिगत कक्षा-कक्ष में विद्यार्थियों को बैठाने पर रोक रहेगी।
Updated on:
26 May 2026 11:01 am
Published on:
26 May 2026 10:52 am
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