
फाइल फोटो पत्रिका
Bikaner Crime: मंदबुद्धि नाबालिग के साथ बलात्कार के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को शेष जीवनकाल तक कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोषी अपनी प्राकृतिक आयु के अंत तक जेल में रहेगा।
इसके साथ ही उस पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। विशेष न्यायालय (पॉक्सो) संख्या-2 की सेशन न्यायाधीश डॉ. मनीषा चौधरी ने आरोपी सोनू उर्फ प्रवीण को दोषी करार दिया।
अदालत ने पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4(2) में 20 वर्ष का कठोर कारावास व 40,000 रुपए जुर्माना, धारा 5(k)(l)/6 में आजीवन कारावास (शेष जीवनकाल तक) व 50,000 रुपए जुर्माना, भारतीय दंड संहिता की धारा 450 में 5 वर्ष का कठोर कारावास व 10,000 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
मामले में विशिष्ट लोक अभियोजक शिवचंद भोजक ने 12 गवाहों के बयान और 22 दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।
घटना 5 जून 2022 की है, जब आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर घर के पीछे बाड़े में ले जाकर बलात्कार किया। पीड़िता की मां के मौके पर पहुंचने पर आरोपी फरार हो गया। बाद में परिजनों की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया।
अदालत के इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों पर कड़ा संदेश माना जा रहा है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।
Published on:
11 Apr 2026 02:22 pm
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