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Rajasthan Roadways : निजीकरण के खिलाफ रोडवेज कर्मियों का एलान, मांगें नहीं मानी गईं, तो 20 अप्रैल से जयपुर में आंदोलन

Rajasthan Roadways : राजस्थान रोडवेज में निजीकरण के बढ़ते दखल और लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। बीकानेर में आयोजित सभा में परिवहन फेडरेशन ने ऐलान किया कि मांगें नहीं मानी गईं, तो 20 अप्रेल से जयपुर में प्रदेश स्तरीय आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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Rajasthan Roadways employees declare war against privatisation if demands are not met agitation in Jaipur 20 April

बीकानेर में आयोजित सभा में परिवहन फेडरेशन ने किया ऐलान। फोटो पत्रिका

Rajasthan Roadways : राजस्थान रोडवेज में निजीकरण के बढ़ते दखल और लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। बीकानेर में आयोजित सभा में परिवहन फेडरेशन ने ऐलान किया कि मांगें नहीं मानी गईं, तो 20 अप्रेल से जयपुर में प्रदेश स्तरीय आंदोलन शुरू किया जाएगा। गुरुवार को रोडवेज बस स्टैंड पर आयोजित इस सभा में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया। आयोजित सभा में कर्मचारियों ने शोषण और निजीकरण के खिलाफ आवाज बुलंद की। वक्ताओं ने कहा कि सरकार और प्रबंधन की नीतियों से निगम कमजोर होता जा रहा है। जिसका सीधा प्रभाव आम जनता की परिवहन सेवा पर पड़ रहा है।

निजी बसों को बढ़ावा, निगम कमजोर

सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय मीडिया प्रमुख महेंद्र प्रताप सिंह बारैठ ने आरोप लगाया कि निगम नई बसें खरीदने के बजाय निजी बसों को अनुबंध पर ले रहा है। इससे रोडवेज की आर्थिक स्थिति और परिचालन क्षमता दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में 500 से अधिक कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन उनके स्थान पर नई भर्ती नहीं की जा रही है। परिणामस्वरूप मौजूदा चालक और परिचालकों पर अत्यधिक कार्यभार बढ़ गया है, जो उनके स्वास्थ्य और सेवा गुणवत्ता दोनों के लिए हानिकारक है।

14 सूत्रीय मांगें भी अधूरी

प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नयाल ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर पहले आंदोलन हुआ था, जिसके बाद 14 सूत्रीय निर्देश पत्र जारी हुआ, लेकिन डेढ़ साल बाद भी उस पर अमल नहीं हुआ। वक्ताओं ने एजेंसी के माध्यम से नियुक्त चालकों के वेतन में कटौती और पीएफ-ईएसआई जमा नहीं करने के आरोप भी लगाए।

यह आंदोलन राजस्थान रोडवेज निगम के भविष्य और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की मजबूती से जुड़ा है। यदि सरकार समय रहते कर्मचारियों की उचित मांगों को स्वीकार नहीं करती है तो आने वाले दिनों में राज्य की बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसका सबसे अधिक असर आम यात्रियों पर पड़ेगा।

5000 बसें और भर्ती की मांग

फेडरेशन ने सरकार से 5000 नई बसें खरीदने और हजारों कर्मचारियों की भर्ती की मांग की, ताकि आमजन को सस्ती, सुलभ और सुरक्षित परिवहन सेवा मिल सके। सभा में कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया। सभा की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह ने की, जबकि मंच संचालन संभाग सचिव ओमप्रकाश सिद्ध ने किया।