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जय नखतेश के गूंजे जयकारे

चारणवाला की रोही में लोकदेवता नखत बन्ना का तीन दिवसीय मेला संपन्न

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जय नखतेश के गूंजे जयकारे

जय नखतेश के गूंजे जयकारे

बज्जू. कस्बे से करीब 40 किलोमीटर दूर चारणवाला की 80 आरडी पर लोक देवता नखत बन्ना का तीन दिवसीय मेला गुरुवार को सम्पन्न हुआ। बुधवार रात को मेला परिसर में जागरण हुआ। इसमें देशभर से आए कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुति दी। मेले में स्थानीय सहित हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश के अलावा श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, नागौर, बाड़मेर आदि से बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर मनौतियां मांगी। मेला परिसर में मनिहारी, प्रसाद, खिलौने, मिठाई, खेती के उपकरण सहित अन्य स्थायी दुकानों पर श्रद्धालुओं ने खरीदारी की। मेले में लोगों ने पशुओं की भी खरीदारी की। मेले में स्थानीय के बाजार बाहरी क्षेत्र से दुकानदार ज्यादा नजर आए।


तीन साल बाद मेले के आयोजन को लेकर दुकानदारों में उत्साह था लेकिन स्थानीय श्रद्धालुओं की भीड़ कम ही नजर आई। तीन दिन तक मेले में करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने पहुंचकर खुशाली की कामना की।


पिथरासर के काला भाटा कुण्ड के नखत बन्ना धाम परगुरुवार को मेला भरा। पुजारी सुरजमाल ने बताया कि अलसुबह महाजोत के साथ ही मेला भरना शुरू हो गया और बीकानेर शहर सहित रासीसर, जांगलु, जेडी मगरा, लालमदेसर मगरा सहित अन्य गांवों से पदयात्री व अन्य साधनों से श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर में जय नखतेश के जयकारे गुंजायमान रहे। मंदिर परिसर में अस्थायी दुकानें लगी। इनमें लोगों ने खरीदारी की। मंदिर में महाजोत दिनभर चलती रही और घी व खोपरों का हवन चलता रहा। इस अवसर पर मंदिर को रंग बिरंगी रोशनी से सजाया गया। रात्रि को जागरण हुआ। जागरण में कलाकारों ने भजनों से समां बांधा।

भभुतासिद्ध का दो दिवसीय मेला आज से
बज्जू. इंदिरा गांधी मुख्य नहर की एक हजार आरडी के पास कोलासर की रोही में शुक्रवार को लोकदेवता भभुतासिद्ध का दो दिवसीय मेला शुरू होगा। मेले में शुक्रवार को भजन संध्या होगी। इस मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा उमड़ती है। इस मेले में विशेषकर बाहरी राज्यों व जिलों से श्रद्धालु पहुंचते हैं।चुका है। मेले की यह विशेषता है जितना जल्दी भरता है, उतना ही जल्दी सिमटता है। मेले का समापन शनिवार दोपहर बाद होगा।