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अनाथ बच्चों को मिलेगा पक्का आशियाना, आर्थिक मदद के लिए लोगों ने बढ़ाये हाथ

अपने माता-पिता को खोने के बाद अनाथ हुए बच्चों की आर्थिक मदद करने के लिए सर्वसमाज के लोग आगे आ रहे हैं।
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Financial help news

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नोखा/पांचू. कस्बे में नायकों की ढाणी में पांच जुलाई को हुए दर्दनाक हादसे में अपने माता-पिता को खोने के बाद अनाथ हुए बच्चों की आर्थिक मदद करने के लिए सर्वसमाज के लोग आगे आ रहे हैं। जिससे, जितना बन पड़ रहा है, वह आर्थिक सहयोग करता हुआ नजर आ रहा है।

गुरुवार को पांचू के समाजसेवी सेठ हरिकिशन राठी, प्रधान प्रतिनिधि भंवर लाल गोरछिया और सरपंच जेठाराम गोदारा ने संयुक्त रुप से इन अनाथ बच्चों के लिए दो कमरें, शौचालय व स्नानघर बनाकर देने की घोषणा की। वहीं इस परिवार की आर्थिक मदद करने के लिए सर्वसमाज के लोगों से ६४ हजार रुपए की राशि भी एकत्रित की गई है। इतना ही नहीं इस पुनित कार्य में पांचू थाने के पुलिस स्टाफ ने भी आर्थिक सहयोग किया है। गरीब परिवार के लिए कुछ दानदाताओं ने राशन सामग्री की व्यवस्था भी की है।

पत्रिका की मुहिम से आगे आए लोग
नायकों की ढाणी में अपनी पत्नी पर कुल्हाड़ी से वार कर खुद मौत को गले लगाने वाले पुरखाराम नायक और बाद में दौराने ईलाज गीता देवी की मौत होने से अनाथ हुए पांच बच्चों की दर्दभरी दास्तां को लेकर राजस्थान पत्रिका ने श्रृखलाबद्ध खबरों का प्रकाशन किया था। उसके बाद पांचू क्षेत्र के लोग इस गरीब परिवार की आर्थिक सहायता करने के आगे हाथ बढ़ाए। वहीं सोशल मीडिया पर पांचू रिपोर्ट के नाम से बनाए गए व्हाट्सअप गु्रप पर चलाई गई मुहिम भी रंग लाई। सर्वसमाज के लोगों ने गरीब परिवार के लिए अपने-अपने हिसाब से आर्थिक सहायता प्रदान की।

कच्चे झोपड़ों मेंं रहते हैं अनाथ बच्चे
नायकों की ढाणी में रहने वाले मृतक पुरखाराम नायक का परिवार बेहद गरीब है। वह कच्चे झोपड़ों में रहता है। मां-बाप के चले जाने के बाद अनाथ हुए बच्चों के सामने भूखे मरने की नौबत आ गई। मृतक पुरखाराम के आठ बेटे-बेटियां है, तीन बेटियों व एक बेटे की शादी हो चुकी है। चार बेटे-बेटियां अभी कुंवारे हैं। बड़ा बेटा बीमार रहता है।

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