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गुलाबी सर्दी और गर्मा-गर्म व्यंजनों का जायका

गुलाबी ठण्ड में गर्मा-गर्म खाने को मिल जाए तो कहना ही क्या। उसमें भी बीकानेर का अपना परम्परागत स्वाद हो तो खाने वाला उसका गुणगान करते नहीं थकेगा। शहर में सर्दी के मौसम में कई एेसी जगह है जहां गर्मा-गर्म खाद्य के चर्चे हर जगह सुनने को मिल जाएंगे।

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गुलाबी सर्दी और गर्मा-गर्म व्यंजनों का जायका

hot dishes

अतुल आचार्य. बीकानेर. गुलाबी ठण्ड में गर्मा-गर्म खाने को मिल जाए तो कहना ही क्या। उसमें भी बीकानेर का अपना परम्परागत स्वाद हो तो खाने वाला उसका गुणगान करते नहीं थकेगा। शहर में सर्दी के मौसम में कई एेसी जगह है जहां गर्मा-गर्म खाद्य के चर्चे हर जगह सुनने को मिल जाएंगे।

गर्मागर्म मलाईदार दूध, फीणी और घेवर की बात हो, कचौड़ी-जलेबी और तंदूर वाली चाय की। सर्दी के इस मौसम में शहर में कई जगह देर रात तक इन चीजों की बिक्री होती है। बीकानेर के हृदय स्थल 'कोटगेट से...Ó की इस शृंखला में आज बीकानेर के कुछ एेसे ही स्थानों से आपकों रूबरू कराएंगे, जहां पर खाने-पीने रोजाना भीड़ जुटती है।


भोर से आधी रात तक
लोग अलसुबह से ही कचौड़ी, नमकीन का आनंद लेने लग जाते है। चाय पट्टी में कई तरह के परांठे, कचौली-पकौड़ी और चाय की चुस्की तो देशभर में प्रसिद्ध है। चाय पट्टी की संकरी गली में लोगों की भीड़ सुबह जुट जाती है जो दोपहर तक रहती है। शाम ढलने के साथ शहरवासी फिर खाने-पीने में मस्त हो जाते है। दूध की कढ़ाइयां चढ़ जाती है और घेवर-फीणी की महक पुराने शहर की तंग गलियों से लेकर केईएम रोड और गंगाशहर तक में फैल जाती है।


जलेबी, गौंदपाक, दाल का हलुवा पहली पसंद
शहर में ठिठुरन बढऩे के साथ ही रस भरी केशर युक्त गर्मागर्म जलेबी के साथ गौंदपाक, दाल और गाजर के हलुवा की मांग भी बढ़ गई है। पुराने शहर से लेकर बाहरी क्षेत्रों में स्थित मिठाई की दुकानों में बड़ी संख्या में शहरवासी इन वस्तुओं का स्वाद चख रहे है।

करीब 100 वर्षों से मिठाई व्यवसाय से जुड़े बजरंग लाल बताते है कि सैकड़ों लोग प्रतिदिन सर्दी के मौसम में जलेबी खरीदने दूर दराज से आते है। शहर में गर्म गर्म जलेबी का स्वाद चखने साथ लोग दूध के साथ भी इसका लुत्फ उठाते है। वे बताते है कि देशी घी से बनने वाली जलेबी की डिमांड सर्दी में कई गुना बढ़ जाती है।


घेवर फीणी और दूध
शहर में लाजवाब स्वाद से युक्त दूध, घेवर और फीणी के साथ गर्मा गर्म दूध की मांग भी बढ़ गयी है। दशकों पुरानी दुकानों पर सुबह से शाम तक खरीदारों की भीड़ लगी रहती है। दूध व्यवसाय परिवार से जुड़े श्याम आचार्य बताते है कि सर्दी के मौसम में शाम से लेकर रात तक गर्म गर्म मलाई युक्त दूध पीने वालों की भीड़ लगी रहती है। शहरवासी दूध के साथ घेवर और फीणी को दूध के साथ खाना अधिक पसंद करते है।


गर्मा-गर्म कचौड़ी
व नमकीन
बढ़ती सर्दी को देखते हुए शहर में गर्मा गर्म कचौड़ी व नमकीन खाद्य पदार्थों की मांग भी बढ़ गयी है। सुबह से ही चायपट्टी सहित विभिन्न स्थानों पर मौजूद दुकानों में कचौड़ीखाने के शौकीन लोगों की भीड़ देखने को मिलती है। दाल, स्पेशल लोंग व हींग से बनी कचौड़ी का लोग लुत्फ उठा रहे है।

बीकानेर के कुछ प्रमुख ऐसे स्थान है जहां पर खाने के लिए लोगों की भीड़ देखने को मिलती है। इन जगहों पर लोग बड़े चाव से पहुंचते है और यहां के लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाते है। बीकानेर के परकोटे में स्थित
चाय पट्टी, बीके स्कूल, दम्माणी


चौक, बैदों का चौक, दाऊजी रोड, कोटगेट, जस्सूसर गेट, नत्थूसर गेट, गंगाशहर सहित कई स्थानों पर दिन हो या रात यहां लोगों की भीड़ लगी रहती है।