
वन्यजीव प्रेमियों ने डाला महापड़ाव, वन अधिकारी निलंबत
बीकानेर. लूणकरनसर. तहसील क्षेत्र में 40 हिरणों के शिकार के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने एवं वन अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित करने की मांग को लेकर10 दिनों से चल रहे धरने के बाद वन्यजीव प्रेमियों ने शनिवार को लूणकरनसर से बीकानेर तक पैदल मार्च निकाला। लगातार 24 घंटे पैदल चलकर वन्यजीव प्रेमी 75 किलोमीटर का सफर तय कर रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे कलक्ट्रेट के सामने पहुंचे।
यहां उन्होंने मांग पूरी होने तक अनिश्चितकालीन महापड़ाव डाला। महापड़ाव डालने के चार घंटे के भीतर ही वन विभाग ने लूणकरनसर के क्षेत्रीय वन अधिकारी मनरूप सिंह को निलंबित कर दिया। इसके बाद महापड़ाव खत्म कर दिया गया।
इससे पूर्व महापड़ाव में रालोपा के प्रदेश मंत्री विजयपाल बेनीवाल ने कहा कि हिरण शिकारियों की गिरफ्तारी और वन अधिकारी व कर्मचारियों को निलंबित नहीं किया जाएगा, तब तक महापड़ाव जारी रहेगा। जीव रक्षा संस्था के जिलाध्यक्ष मोखराम धारणिया ने कहा कि वन्यजीवों के शिकार को लेकर वन विभाग के अधिकारी लापरवाह हैं। जिले में कभी मोर तो कभी हिरणों का शिकार हो रहा है। वन विभाग के अधिकारी सख्त कार्रवाई नहीं कर लीपापोती करते हैं।
पहली वार्ता विफल, दूसरी में बनी बात
वन्यजीव प्रेमियों के बीकानेर पहुंचने पर जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम के साथ पहले दौर की वार्ता फोन पर विजयपाल बेनीवाल के साथ हुई। इसमें उन्होंने वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों को निलंबित करने की मांग की। इस पर सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद दूसरे दौर की वार्ता करीब दो घंटे तक चली, जिसमें कलक्टर की मौजूदगी में लूणकरनसर के क्षेत्रीय वन अधिकारी मनरूपसिंह को निलंबित करने तथा मामले की जांच प्रशासनिक अधिकारी से करवाने सहित चार मुद्दों पर सहमति बनी। निलंबन आदेश संभागीय मुख्य वन संरक्षक महेन्द्र कुमार अग्रवाल ने जारी किए। इसके बाद महापड़ाव खत्म करने की घोषणा हुई।
बामनवाली में किया रात्रि विश्राम
लूणकरनसर से पैदल मार्च शनिवार शाम पौने पांच बजे रवाना हुआ। वन्यजीव प्रेमी रात करीब 10.30 बजे बानमवाली पहुंचे और रात्रि विश्राम किया। मार्च में शामिल लोगों के लिए खाने-पीने व ठहरने की व्यवस्था भामाशाहों ने की। वन्यजीव प्रेमी सुबह आठ बजे वहां से रवाना हुए।
हर गांव में नाश्ता
राजमार्ग पर पैदल मार्च के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा व माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। कारवां में गांव-गांव से लोग जुड़ते रहे। हर गांव में लोगों की चाय-नाश्ता, भोजन की व्यवस्था की गई। कानून व्यवस्था के लिए लूणकनसर उपखंड अधिकारी भागीरथ साख के नेतृत्व में कर्मचारी एवं एएसपी ग्रामीण सुनील कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल साथ था।
ये थे शामिल
मोहन पूनिया, शिवराज गोदारा, मोतीराम सियाग, महिराम दिलाइया, देवीलाल जाखड़, रेसलर सनी गोदारा, दानाराम घिंटाला, विवेक माचरा, रघुवरदयाल, रामस्वरूप पूनिया, रामनिवास बेनीवाल, महिपाल सारस्वत, रामगोपाल बिश्नोई बिश्नोई टाइगर फोर्स के रामपाल भवाद, डॉ. सुरेश बिश्नोई, कुलदीप विश्नोई सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।
पार्षदों ने सीएम को भेजा ज्ञापन
पाषर्द मनोज बिश्नोई के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जिला कलक्टर से मिला और उन्हें मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। बिश्नोई ने बताया कि लूणकरनसर क्षेत्र में हिरण शिकार मामलों में वन अधिकारियों की लापरवाही रही है। शिकारियों से मिलीभगत कर शिकार करवा रहे हैं, हरे पेड़ कटवा रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल में पार्षद अंजना खत्री, शांतिलाल मोदी, प्रफुल्ल पटेल, शहजाद खान, मनोज जनागल, अब्दुल सत्तार, चेतना चौधरी, अब्दुल वाहिद, सुनील, आनंदसिंह, महेन्द्रसिंह बडग़ुजर, रमजान आदि शामिल थे।
Published on:
03 Feb 2020 12:00 pm
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