
यहां वन विभाग की सात बीघा भूमि से पेड़ों की लकड़ी को भट्टियों में जला कोयला बनाकर बेच दिया
श्रीडूंगरगढ़. कस्बे के घूमचक्कर से महज दो किलोमीटर दूर वन विभाग की सात बीघा भूमि से वन माफिया द्वारा अवैध रूप से पेड़ों को काटकर हरियाली साफ कर देने और पेड़ों की लकड़ी को भट्टियों में जला कोयला बनाकर बेच देने के मामले का खुलासा करने के बाद वन विभाग के अधिकारी हरकत में आए है। इस मामले में वनपाल निलंबित कर क्षेत्रीय वन अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
राजस्थान पत्रिका की ओर से प्रमुखता से खबर प्रकाशित करने के बाद सोमवार को प्रकरण में जांच अधिकारी सहायक वन संरक्षक राकेश सक्सेना ने वन विभाग क्षेत्र में पहुंच कर मौका मुआयना किया। सहायक वन संरक्षक ने काटे गए पेड़ों के स्थान और क्षेत्रीय वन अधिकारी परिसर में जब्त पेड़ों की लकड़ी, कोयले, आरा मशीन, जनरेटर आदि को देखा। उन्होंने कर्मचारियों व पर्यावरण प्रेमियों से मामले की जानकारी लेकर साक्ष्य जुटाए। इस दौरान जीव रक्षा संस्था के अध्यक्ष मोखराम धारणिया, पर्यावरण प्रेमी गणेशसिंह, आनन्द जोशी, विहिप शहर मंत्री नवरतन राजपुरोहित, सहीराम पूनिया आदि मौजूद रहे।सहायक वन संरक्षक राकेश सक्सेना ने बताया कि वन क्षेत्र से बड़ी संख्या में पेड़ों की अवैध कटाई के प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए वनपाल हरिकिशन को सस्पेंड किया गया है और क्षेत्रीय वन अधिकारी जितेंद्रसिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
आरोपी न्यायालय में पेश
क्षेत्रीय वन अधिकारी जितेन्द्रसिंह ने बताया कि पेड़ काटने के आरोपी महेन्द्र नाथ निवासी रतनगढ़ को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे जमानत रिहा कर दिया गया।
कार्रवाई की मांग
वहीं जीव रक्षा संस्था के अध्यक्ष मोखराम धारणिया सहित पर्यावरण प्रेमियों ने वन विभाग के सीसीएफ, संभागीय आयुक्त नीरज के. पवन सहित उच्च अधिकारियों से मिलकर पूरे प्रकरण से अवगत करवाया और जांच कमेटी बनाकर निष्पक्ष जांच व दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इनका कहना है
वन क्षेत्र में अवैध रूप से पेड़ कटाई का मामला संज्ञान में आया है। इस सम्बंध वन विभाग के अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है। साथ ही में भी आकर मौका स्थल देखूंगा।
नीरज के पवन,संभागीय आयुक्त।
Published on:
06 Jun 2023 01:26 am
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