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चार हजार इलेक्टि्रक वाहन उतरे सड़क पर, पांच साल में हो जाएंगे पचास प्रतिशत

ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की सरकार की नीति और युवाओं में ई व्हीकल्स बढ़ते क्रेज का असर बीकानेर में दिखने लगा है। बीते तीन साल में बीकानेर की सड़कों पर चार हजार से अधिक ई व्हीकल्स उतर चुके हैं। अगले पांच साल में खासकर दुपहिया में पचास प्रतिशत तादाद ई-व्हीकल्स की हो जाएगी।

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जयप्रकाश गहलोत/बीकानेर. ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की सरकार की नीति और युवाओं में ई व्हीकल्स बढ़ते क्रेज का असर बीकानेर में दिखने लगा है। बीते तीन साल में बीकानेर की सड़कों पर चार हजार से अधिक ई व्हीकल्स उतर चुके हैं। अगले पांच साल में खासकर दुपहिया में पचास प्रतिशत तादाद ई-व्हीकल्स की हो जाएगी। महानगरों में शुमार हो रहे बीकानेर में यह बदलाव भविष्य में प्रदूषण को कम करने की दिशा में अहम साबित होगा। इसी के साथ पेट्रोल-डीजल के वाहनों की संख्या भी घटने लगेगी।

परिवहन विभाग से मिले आंकड़ों की बात करें तो 75 फीसदी ई-व्हीकल्स के मालिक युवा हैं। इनमें भी 25 फीसदी युवतियां और महिलाएं है। जितने भी ई-व्हीकल्स बीते तीन साल में नए खरीद हुए, उनमें 50 फीसदी के मालिक 35 साल से कम आयु के है। इससे अंदाजा लगता है कि युवाओं की पसंद तेजी से बदल रही है। पेट्रोल-फ्री व्हीकल्स की तरफ उनका झुकाव हो रहा है। तीन साल में 3 हजार 286 ई-व्हीकल्स क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय बीकानेर में रजिस्ट्रर्ड हो चुके हैं। बिना रजिस्ट्रेशन वाले और अन्य जिलों में रजिस्टर्ड ई-व्हीकल्स की संख्या इससे अलग है। चौपहिया और दुपहिया करीब चार हजार से ज्यादा बीकानेर में दौड़ रहे हैं।

तिपहिया वाहन भी खूब

जिले में पेट्रोल और डीजल के तिपहिया वाहनों की तादाद घटने लगी है। नए खरीद में तो अब इलेक्टि्रक तिपहिया टैक्सी ही खरीदी जा रही है। इसी के साथ ई-रिक्शा भी तेजी से पॉपुलर हो रहा है। संभाग मुख्यालय पर चार-पांच इलेक्टि्रक तिपहिया विक्रेताओं के शोरूम खुल चुके हैं।

पेट्रोल बाइक से कर रहे तौबा

पॉवर और स्पीड के मामले में पेट्रोल वाहनों का कोई मुकाबला नहीं है। परन्तु जैसे-जैसे तकनीक मजबूत हो रही है अब पेट्रोल वाहनों को ई-व्हीकल्स टक्कर देने लगे है। माइलेज, मजबूती और फीचर्स समेत हर एगंल में ई-व्हीकल्स में लगातार सुधार हो रहा है। नित नए और अपडेटेड वर्जन बाजार में उतारे जा रहे हैं। आज के युवा ई-व्हीकल्स को पेट्रोल बाइक का बेहतर विकल्प मानने लगे है।

बढ़ रही है स्पीड

ई-व्हीकल्स की रफ्तार और बैटरी बेकअप होना बिक्री में आड़े आ रहा था। अब इलेक्ट्रिक वाहन की रफ्तार 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक मिलने लगी है। कुछ कम्पनियां तो 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक दौड़ने का दावा करने लगी है। बैटरी बेकअप के मामले में भी अब एक बार चार्ज से 100 किलोमीटर से ज्यादा चलने वाले दुपहिया आने लगे है।

अभी और बढ़ेगा रुझान

बीकानेर जिले में ई वाहनों का क्रेज उभरा है। साल 2030 तक जिले में 50 फीसदी लोगों के पास ई-व्हीकल्स होंगे। तीन सालों से लगातार ई-व्हीकल्स की बिक्री बढ़ रही है। वर्तमान हालात को देखते हुए आगले दो-तीन साल में सभी तरह के वाहनों में करीब 35 फीसदी ई-वाहन होंगे। ई-व्हीकल्स का रुझान और बढ़ेगा। ई-व्हीकल्स निर्माता कंपनियां युवाओं की पसंद के अनुरूप मॉडल उतार रही है।

वाहनों की िस्थति -

वर्ष - दुपहिया - तिपहिया - चौपहिया

2022 - 1320 - 55 - 19

2023 - 898 - 105 - 64

2024 - 907 - 1 - 86

ई-व्हीकल्स फायदेमंद

वर्तमान में प्रदूषण की समस्या के समाधान के साथ आमजन के लिए ई-व्हीकल्स फायदेमंद है। पेट्रो उत्पादों की खपत कम होगी, इससे देश की आर्थिक िस्थति भी मजबूत होगी। ई-व्हीकल्स को सरकार भी बढ़ावा दे रही है।

राजेश शर्मा, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी बीकानेर