
बीकानेर में फलों का राजा खा रहा "भाव", तरबूज बना 'आम" का सहारा
बीकानेर. निर्जला एकादशी नजदीक आने के साथ ही फलों के राजा आम की मांग बढ़ गई है। इसके चलते आम के भावों में तेजी आई है। एकादशी पर तरबूज भी खूब खाए और खिलाए जाते हैं। इसकी बम्पर आवक व कम दाम के चलते आम आदमी तरबूज खूब खरीद रहा है।
आम के थोक व खुदरा बाजार दोनों में एक सप्ताह के दौरान दामों में बड़ा उछाल आया है। एक सप्ताह बाद ही निर्जला एकादशी का पर्व है। आम की मांग बढ़ी है, लेकिन मंडी में आवक अपेक्षा से कम है। फिलहाल गुजरात व दक्षिण भारत का आम ही बाजारों में आ रहा है।
मंडी में उत्तर प्रदेश के आम की आवक हाल ही शुरू हुई है, लेकिन अभी कच्चा फल ही आ रहा है। थोक विक्रेता जगदीश रामावत के अनुसार अगले दस दिनों में लंगड़े आम की आवक में इजाफा होगा। गुजरात से लंगड़ा आम के चार से पांच ट्रक आ रहे हैं, वहीं सफेदा तीन से चार ट्रक आ रहे है।
मंडी में तरबूज की बम्पर आवक
भीषण गर्मी के दौर में इन दिनांे तरबूज की आवक सबसे अधिक है। फल मंडी में रोजाना १५ से २० ट्रक तरबूज पंजाब से आ रहा है। यह बाजारों मंे स्थायी फलों की दुकानों के साथ ही सड़क किनारे अस्थायी दुकानों और ठेलों पर भी बिक रहा है।
मीठा व गर्मी के लिहाज से ठंडा होने के कारण इसकी बिक्री भी अधिक है। यह बाजार में १० रुपए प्रति किलो मिल रहा है। मंडी में पांच से छह रुपए प्रति किलो बिक रहा है।
दामों पर एक नजर
आम की किस्त थोक भाव खुदरा भाव
गुजरात का लंगड़ा ४०-५० ६०-७०
आंध्र का सफेदा ४५-६० ७०-८०
गुजराती दशहरी ५०-५५ ७०-८०
हापुस ७०-१०० १२०-१५०
यूपी का दशहरी ३०-४० (यह कच्चा माल है, बाजार में नहीं आया)
यूपी का लंगड़ा ३० (कच्चा माल है, बाजार में नहीं आया)
(भाव रुपए प्रति किलो)
Published on:
08 Jun 2019 12:44 pm
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