
भवन जर्जर होने के चलते बच्चे भीतर बैठ नहीं सकते। फोटो - नौशाद अली।

दरअसल, जिस दीवार के सहारे वे बैठे हैं, वह बेहद जर्जर हाल है और कभी भी बैरक जैसी नियति को प्राप्त हो सकती है। फोटो - नौशाद अली।

गौरतलब है कि इस विद्यालय में 94 बच्चे अध्ययनरत हैं। प्रदेश में राज्य सरकार ने 11 पुलिस लाइनों में संचालित स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में क्रमोन्नत किया है। बीकानेर के स्कूल को क्रमोन्नत करना तो दूर भवन तक नसीब नहीं हो रहा है। यहां धूप और जर्जर भवन के ढहने की आशंका से बच्चों को उसी जर्जर भवन की दीवार के सहारे बैठा दिया गया है। यह बेहद खतरनाक है।फोटो - नौशाद अली।