
दानदाताओं के लिए सेतू बना ज्ञान संकल्प पोर्टल
रमेश बिस्सा-बीकानेर.
स्कूल शिक्षा विभाग ने राजकीय विद्यालयों में भौतिक संसाधन उपलब्ध कराने में ज्ञान संकल्प पोर्टल सेतू बनकर उभरा है। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कम्पनियों, कारपोरेट, गैर सरकारी संगठन समेत दानदाताओं को एक ऑनलाइन प्लेटफार्म मिला है। इससे प्रदेश में शिक्षा के नवाचार के लिए अब तक १ अरब ३९ करोड़ १३ लाख रुपए के कार्य हो रहे है।
पोर्टल का मुख्य उद्देश्य राजकीय विद्यालय के आधारभूत सरंचना के सुदृढ़ीकरण करना। वित्तीय सम्बल प्रदान करना, सीएसआर के तहत कार्य करवाने के लिए कम्पनियों को आकर्षित करना, सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग कर जन सहयोग बढ़ाना है।
पांच श्रेणियां
पोर्टल में सहयोग के लिए पांच श्रेणियां है। इसमें तीन वर्ष के लिए विद्यालयों गोद लेना। कंपनी या दानदाताओं से राजकीय विद्यालयों के लिए प्रोजेक्ट बनाकर विकास में सहयोग कराना, प्रोजेक्ट में योगदान, मुख्यमंत्री विद्यादान कोष में प्राप्त राशि का उपयोग करना एवं विद्यालयों की एसडीएमसी, एसएमसी से अपने स्तर पर विकास में उपयोग करना है।
यह विशेषताएं
ज्ञान संकल्प पोर्टल पर सभी राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक विद्यालय सहयोग के लिए उपलब्ध, पोर्टल के माध्यम से दी सहयोग राशि पर आयकर अधिनियम की धारा 80जी के तहत छूट का प्रावधान, दानदाता व सीएसआर कम्पनी स्वयं अपनी परियोजना, गतिविधि क्रियान्वित कर सकती है।
यह चल रहे कार्य
जिले के शहरी आदर्श विद्यालयों को सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स बनाने के लिए 22 जिलों के 22 आदर्श विद्यालयों को 50-५० लाख रुपए स्वीकृत किए। अब तक 9 करोड 16 लाख रुपए जारी किए जा चुके है तथा 7 करोड़ 32 लाख रुपए खर्च भी हो चुके है। स्वयं के प्रोजेक्ट श्रेणी में ११९ करोड ४ लाख रुपए कार्य, डोनेट टू स्कूल श्रेणी में ८ करोड़ ३५ लाख, स्पोर्ट ए प्राजेक्ट में ९ करोड़ रुपए के कार्य चल रहे है।
कोई भी करें पहल
शिक्षा के नवाचारों के लिए दानदाता, कम्पनी, संस्थान कोई भी ज्ञान संकल्प पोर्टल पर जाकर पहल कर सकता है। वे चाहे तो स्कूल को सहयोग कर सकते हैं। अपना स्वयं का प्रोजेक्ट बना पैसा लगा सकता है। यह पोर्टल शिक्षा विभाग के लिए सेतू का कार्य कर रहा है।
- सौरभ स्वामी, शिक्षा निदेशक, बीकानेर
Published on:
16 Mar 2020 08:48 pm
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