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जिप्सम माफिया ने खोद डाली वनभूमि, रोजाना बीस से ज्यादा ट्रक जिप्सम का खनन

Bikaner News: पत्रिका एक्सपॉज-सहायक वनपाल देशराज मीणा निलम्बित, वन विभाग रास्तों में गड्ढ़े खोदकर रोकने की कर रहा कोशिश

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जिप्सम माफिया ने खोद डाली वनभूमि, रोजाना बीस से ज्यादा ट्रक जिप्सम का खनन

जिप्सम माफिया ने खोद डाली वनभूमि, रोजाना बीस से ज्यादा ट्रक जिप्सम का खनन

दिनेश स्वामी. रितेश यादव

खाजूवाला (बीकानेर). सीमावर्ती उपखण्ड खाजूवाला में हजारों एकड़ में फैले वनभूमि क्षेत्र में जिप्सम होना पर्यावरण के लिए अभिशाप साबित हो रहा है। पेड़-पौधे लगाकर पर्यावरण को बचाने की वनभूमि को जिप्सम माफिया ने खोदकर गहरे गड्ढ़े कर डाले है। इस अवैध खनन पर सरकारी मशीनरी अंकुश लगाने की कोई कोशिश नहीं कर रही है। वन विभाग के अधिकारियों ने अवैध खनन रोकने में असफल रहने पर सहायक वनपाल देशराज मीणा को निलम्बित दिया है। साथ ही हथियारबंद और रात को सक्रिय होने वाले खनन माफिया से मुकाबला करने के लिए दिन के समय वन क्षेत्र में जाने के रास्तों को अवरूद्ध करना शुरू किया है। इसके लिए जेसीबी मशीन से खाई खोदकर रास्तों को बंद किया है। इसके बावजूद रोजाना रात को बीस से ज्यादा ट्रक जिप्सम खोदकर माफिया ले जा रहे है।

वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने चार दिन पहले रात को कार्रवाई कर अवैध जिप्सम लदे एक ट्रक को 15 केजेडी सामरदा से पकड़ा। इस दौरान जिप्सम माफिया 3 ट्रक और जेसीबी मशीनों को भगाकर ले जाने में कामयाब हो गए। इस कार्रवाई के अलगे दिन जिप्सम माफिया शांत रहा। अब बुधवार व गुरुवार रात को फिर हाइटेक मशीनों और ट्रकों के साथ जिप्सम माफिया वापस अवैध खनन करने पहुंच गया है। वन विभाग के रेंजर्स की रिपोर्ट, रात को जमीन खोदकर निकाली जिप्सम के बने गड्ढ़े और प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों के आंखोंदेखी बता रही है कि अवैध खनन करने वालों को सरकारी अफसरों और नेताओं का संरक्षण प्राप्त है।

पुलिस, प्रशासन, परिवहन और खनन मौन

बीकानेर जिले का खाजूवाला सीमावर्ती उपखण्ड है। अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर करीब पचास किलोमीटर की पट्टी में प्रचूर मात्रा में भूगर्भ में जिप्सम है। बॉर्डर से दस-बारह किलोमीटर तक बीएसएफ की सख्ती से जिप्सम का अवैध खनन कम होता है। इसके बाद की जमीनों में सरकारी भूमि को खनन माफिया ने अपने कब्जे में ले रखा है। अवैध खनन की जिप्सम से भरे ट्रक रॉयल्टी नाकों से गुजरते है। पुलिस थाना क्षेत्रों में भी कोई नहीं रोकता। ओवरलोड इन ट्रकों को खनन विभाग और परिवहन विभाग के अधिकारी भी नहीं रोकते। वनभूमि पर सबसे ज्यादा अवैध खनन हो रहा है। जबकि वनविभाग गिने-चुने दो-चार कार्मिक ही होने का रोना रोकर अपना बचाव करता है।

मुफ्त का माल मिल बांटकर खा रहे

जिप्सम माफिया सुनियोजित तरीके से अपना काम कर रहा है। आधुनिक जेसीबी मशीनों से जिप्मस खोदकर निकालते है। फिर ट्रकों में लादकर जिप्सम ले जाते है। जमीन सरकारी मुफ्त में मिल जाती है। खनन विभाग से कोई पट्टा नहीं लिया तो सरकारी खजाने में कुछ देना नहीं पड़ता। रॉयल्टी ठेकेदार, पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी, वन विभाग और खनिज विभाग के साथ नेता विरोध नहीं कर रहे है। ग्रामीण विरोध करते है तो माफिया गैंग डरा-धमकाकर चुप करवा देती है। पुलिस भी उलटा ग्रामीणों के ही खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर लेती है।

ग्रामीणों की जुबानी...

ग्रामीणों ने बताया कि 1 एडीएम चौराहे पर शाम ढ़ले ट्रक आने शुरू हो जाते है। जहां से जिप्सम निकलता है वहां 50 से 100 लोग हथियारों के साथ रहते है। इससे ग्रामीणों में भय का माहौल भी है। खनन वाले स्थान की तरफ के रास्तों पर आम आदमी तो क्या सरकारी अफसर तक जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते है। ऐसा राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण के बिना संभव नहीं है। जब कोई पुलिस-प्रशासन को शिकायत करता है तो उलटा उसे ही फर्जी मामले में फंसा दिया जाता है।

कागजी खानापूर्ति...सहायक वनपाल निलम्बित

उप वन सरंक्षक स्टेज प्रथम छतरगढ़ दिलीप सिंह राठौड़ ने गुरुवार को सहायक वनपाल रेंज दंतौर देशराज मीणा को निलम्बित किया है। डीएफओ राठौड़ ने पत्र में लिखा कि 15 केजेडी में सहायक वनपाल मीणा को समुचित सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन 27 नवम्बर को अवैध खनन की जानकारी मिली। वन भूमि पर अवैध खनन पर अंकुश नहीं लगाने व राज कार्य के प्रति उदासीनता बरतने पर निलम्बित किया गया है।

ताजा हालात...बेरियांवाली रेंज की खुदाई शुरू

15 केजेडी सामरदा रेंज के बाद वन विभाग बेरियांवाली रेंज के अंतर्गत चक 4 एनजीएम पटवार हल्का 2 डीबीएम के मुरबा नंबर 71/27 में गुरुवार रात खनन माफिया ने जिप्सम खोदना शुरू कर दिया। यहां भी सैकड़ों टन जिप्सम अवैध रूप से निकला जा चुका है। वन विभाग के रेंजर्स ने इसकी रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी है।

बेबसी...खाई खोदकर रोकने की कोशिश

वन क्षेत्र में अवैध खनन को रोकने के लिए कच्चे रास्तों को खाई खोदकर बंद कराया है। खाजूवाला के 15 केजेडी सामरदा में अवैध खनन रोकने में विफल रहने पर सहायक वनपाल को निलम्बित किया है। टीमों को निर्देशित किया है कि रात को वन क्षेत्र में ट्रक व मशीनें नहीं घुस सके इसके लिए जेसीसबी से रास्तों को अवरूद्ध कर दिया जाए।

दिलीप सिंह राठौड़, उपवन संरक्षक, छतरगढ़