6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

प्र्रसूताओं के लिए वरदान साबित हो रही स्वास्थ्य हेल्पलाइन

लॉकडाउन के कारण गर्भवती व प्रसूता महिलाओं को होने वाली परेशानियों से निजात दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग बीकानेर की ओर से शुरू की गई हेल्पलाइन वरदान साबित हो रही है।
2 min read
Google source verification
प्र्रसूताओं के लिए वरदान साबित हो रही स्वास्थ्य हेल्पलाइन

प्र्रसूताओं के लिए वरदान साबित हो रही स्वास्थ्य हेल्पलाइन

केस एक :- लूणकरणसर निवासी गर्भवती ममता देवी (25) को पेट में दर्द व दस्त की शिकायत थी। पीडि़ता ने हेल्पलाइन पर फोन किया। इसके बाद सीएचसी स्टाफ को अवगत कराया। स्टाफ ने घर जाकर महिला को चेक किया और दवा दी।

केस दो :- भीनासर की रहने वाली सोनू भाटी आठ माह की गर्भवती है। उसे पैर दर्द की समया थी। आयरन, फोलिक एसिड व कैल्शियम की नियमित ली जाने वाली गोलियां भी खत्म हो गई। इस पर गर्भवती ने हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया तो नजदीकी अस्पताल से स्टाफ को घर भेजकर दवा दिलवाई।

बीकानेर। लॉकडाउन के कारण गर्भवती व प्रसूता महिलाओं को होने वाली परेशानियों से निजात दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग बीकानेर की ओर से शुरू की गई हेल्पलाइन वरदान साबित हो रही है। हेल्पलाइन पर एक-दो नहीं हर दिन १० से १५ प्रसूताओं के फोन आ रहे हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल से चिकित्साकर्मी जाकर उपचार मुहैया करवा रहे हैं।
सीएमएचओ डॉ. बीएल मीणा ने आरसीएचओ डॉ रमेश गुप्ता के निर्देशन में चार चिकित्सकों की कमेटी बनाई है जो प्रसूताओं की समस्या सुनकर उनका हल करवा रही है। इस कमेटी में डॉ. गुप्ता के अलावा डॉ. महेन्द्र, डॉ. आशुतोष उपाध्याय, यूएनडीपी के संभागीय अधिकारी योगेश शर्मा शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कंट्रोल रूम बनाया है, जिसके नंबर ०१५१-२२०४९८९ है।

कई अन्य जिलों ने भी लागू की व्यवस्थाबीकानेर में गर्भवती व प्रसूताओं के लिए घर बैठे चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने की सुविधा देने की पहले सबसे पहले की गई। बीकानेर के नवाचार से प्रेरित होकर जोधपुर, बाड़मेर, सिरोही और अलवर में भी यह व्यवस्था लागू की गई है।

नागौर से आई महिला की जांच करने पहुंचे स्वास्थ्य अधिकारी

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है। शुक्रवार शाम को जेएनवीसी थाना क्षेत्र के खाटू श्यामजी मंदिर के पीछे एक महिला के नागौर से आने की सूचना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मिली। इसके बाद आरसीएचओ डॉ. रमेश कुमार गुप्ता वहां पहुंचे।


डॉ. गुप्ता ने बताया कि महिला के २० दिन का छोटा बच्चा भी है। महिला एवं बच्चे की स्वास्थ्य जांच की गई। दोनों स्वस्थ पाए गए। महिला को बच्चे को मां का दूध पिलाने की हिदायत दी। उन्होंने बताया कि महिला मजदूर परिवार से होने के कारण उसके खाने-पीने की व्यवस्था भामाशाहों के माध्यम से कराने की व्यवस्था की गई है। गौरतलब है कि इन दिनों नागौर जिले में कोरोना पॉजिटिव रोगी मिल रहे हैं। ऐसे में नागौर से आने वालों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। महिला के नागौर से आने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सतर्क हो गए।

बड़ी खबरें

View All

बीकानेर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग