
बीकानेर केन्द्रीय कारागार में बंदियों ने रखे नवरात्रा व्रत
बीकानेर। देशभर में लॉकडाउन के चलते हर कोई किसी न किसी तरीके से आपदा की स्थिति में सहयोग कर रहे हैं। ऐसे में प्रदेश की जेलों में बंद बंदी भी अपनी साम्थर्य के अनुसार सहयोग कर रहे हैं। जेलों में मास्क व सेनेटाइजर बना रहे हैं। वर्तमान में नवरात्रा चल रहे हैं।
बीकानेर केन्द्रीय कारागार में सैकड़ों बंदियों ने इस बार नवरात्रा व्रत रखा है। व्रत के दौरान एक समय भोजन कर रहे हैं। इससे भी बड़ी बात है कि जो बंदी व्रत नहीं कर रहे हैं वे हमेशा की डाइट में से एक रोटी कम खा रहे हैं। जेल में प्रतिदिन २०० से २५० व्यक्तियों का भोजन बच रहा है, जिसे गरीब व असहाय लोगों को बांटा जा रहा है।
जेल एक नजर में
बीकानेर जेल में वर्तमान में सजायाफ्ता व विचाराधीन करीब १३०० बंदी रह रहे हैं। इन बंदियों में से १५० बंदी पिछले आठ से नवरात्रा व्रत कर रहे हैं। साथ ही शेष बंदियों ने अपनी डाइट में एक-एक रोटी कम खा रहे हैं। सुबह-शाम जेल में बने मंदिर में माता की पूजा-अर्चना की जाती है। जेल में कई बंदी में अपनी बैरक में बकायदा मां की उपासना तक कर रहे हैं। वहीं महिला जेल में वर्तमान में २४ बंदी हैं, जिसमें से ११ ने नवरात्रा व्रत रखा हुआ है। महिला जेल की डिप्टी जेलर लीला प्रजापत ने बताया कि नवरात्रा व्रत रखने वाली महिलाओं को विशेष सुविधाएं दे रहे हैं।
जेल मंदिर में पूजा
जेल स्थित मंदिर में हर रोज सुबह-शाम पूजा-अचर्ना की जा रही है। पूजा में सैकड़ों बंदी शामिल होते हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका के चलते सभी बंदियों को खुले मैदान में निर्धारित दूरी पर खड़ा किया जाता है। सुरक्षा के लिहाज से सुरक्षा प्रहरियों व आरएसी को तैनात किया जा रहा है।
बंदियों का दूध व केला
नवरात्रा व्रत करने वाले १५० बंदियों के लिए जेल प्रशासन ने भी विशेष इंतजाम किए हैं। बंदियों को सुबह १० बजे दूध व केला दिया जा रहा है। शाम को छह बजे व्रत का भोजन कराया जा रहा है। भोजन में सब्जी-रोटी व मां को भोग लगाने के लिए मीठा (हलवा) दे रहे हैं। रात के समय फिर से बंदियों को दूध दिया जा रहा है।
हर दिन 250 लोगों को खिला रहे भोजन
जेल अधीक्षक परमजीतसिंह सिद्धु ने बताया कि जेल में १५० बंदी नवरात्रा व्रत कर रहे हैं। शेष बंदी एक-एक रोटी कम खा रहे हैं। इस कारण बचने वाल भोजन हर दिन २५० गरीब व असहाय लोगों को बांटा जा रहा है। यह भोजन बंदियों के लिए मिलने वाले सामग्री से तैयार हो रहा है। अतिरिक्त भोजन नहीं बनाया जा रहा है। जेल में सभी बंदियों का खाना बन रहा है। १५० व्रत करने वाले बंदियों का भोजन बांट रहे हैं। इसके अलावा एक-एक रोटी खाने से बच रहा भोजन बांट रहे हैं।
सरकार का आदेश आठ व दस रुपए में बेचो मास्क
पुरुष व महिला जेल में बंदियों की ओर से हजारों मास्क बनाए गए। इन मास्क को प्रदेश की जेलों में भेजा गया। अब भी हजारों मास्क जेल में बनकर तैयार है। जेल मुख्यालय से आदेश मिला है कि जेल में तैयार थ्री लेयर व टू लेयर मास्क को बाजार में बेचे जाए। यह मास्क नो लोस नो प्रोफिट के उद्देश्य से बेचे जाए। जेल अधीक्षक परमजीतसिंह सिद्धु ने बताया कि जेल में बंदियों में १५ से २० हजार मास्क तैयार किए, जिन्हें जेल मुख्यालय सहित विभिन्न जेलों श्रीगंगानगर,हनुमानगढ़ में भेजे गए थे। सरकार ने थ्री लेयर मास्क दस रुपए और टू लेयर मास्क आठ रुपए में बेचने की स्वीकृति दी है। जेल अधीक्षक सिद्धू ने बताया कि शहर दो निजी अस्पतालों को करीब ढाई हजार मास्क बेचे जा चुके हैं। वहीं कई और एनजीओ और सामाजिक संगठनों ने मास्क का ऑर्डर दे रखा है।
Published on:
02 Apr 2020 09:14 am
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