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रेलवे: मंडल के 51 स्टेशनों का करेंगे निरीक्षण, हर माह लेना होगा जायजा

यात्री सुविधाएं है या नहीं? रिपोर्ट करेंगे रेल अधिकारी मंडल रेल प्रबंधक के पास जाएगी संकलित रिपोर्ट

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रेलवे: मंडल के 51 स्टेशनों का करेंगे निरीक्षण, हर माह लेना होगा जायजा

बीकानेर. रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं है या नहीं? इसका जायजा लेने के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे बीकानेर मंडल ने प्रत्येक स्टेशन के लिए एक अधिकारी को जिम्मेवारी सौंपी है, जो प्रत्येक माह स्टेशनों पर जाकर जायजा लेंगे। इसके लिए बड़े से लेकर छोटे स्टेशनों तक को शामिल किया गया है। बीकानेर मंडल के ५१ स्टेशन इसमें शामिल है। इसकी संकलित रिपोर्ट मंडल रेल प्रबंधक के पास जाएगी, इसके बाद डीआरएम समीक्षा करेंगे तब श्रेणीवार स्टेशनों की स्थिति सामने आएगी।

यह करना होगा
अधिकारी स्टेशनों पर पहुंचकर सुरक्षा के साथ साफ-सफाई की स्थिति की जमीनी हकीकत से रूबरू होंगे। विशेष तौर पर स्टेशन पर पीने के पानी। वेटिंग हॉल की क्षमता कितनी है। प्लेटफार्म पर पंखें है, या नहीं? यात्रियों के बैठने के लिए माकूल व्यवस्था कैसी है। शौचालयों की स्थिति कैसी है। फुटओवर ब्रिज कहां-कहां है। स्टेशनों की श्रेणीवार वाटर कूलर कितने लगे है, कचरा पात्र लगे हैं, या नहीं, प्लेटफार्म हाई लेवल है क्या?, यात्रियों की जानकारी के लिए समय सारणी चस्पा है या नहीं। इसके अलावा प्लेटफार्म पर टीन शैड पर्याप्त है, या छोटा है। कुछ इस तरह के सवालों के जवाब अधिकारियों को स्टेशन पर जाकर ढुढंने होंगे।

हर माह देंगे रिपोर्ट
प्रत्येक स्टेशन के लिए अधिकारी की ड्यूटी निर्धारित की है। यह प्रत्येक माह स्टेशनों पर जाएंगे, वहां की रिपोर्ट देंगे। इसके लिए एनएसजी-01 से 06 तक स्टेशनों की श्रेणी तय की है। इसमें बीकानेर मंडल के स्टेशन एनएसजी-03 से 06 तक श्रेणी में आते हैं। सभी की संकलित रिपोर्ट के बाद समीक्षा होगी।
अभय शर्मा, वरिष्ठ वाणिज्य मंडल प्रबंधक, बीकानेर

चेक अनादरण के आरोपी को छह माह का कारावास

बीकानेर. चेक अनादरण के मामले में न्यायालय ने आरोपित को छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। यह निर्णय विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट (एनआइ एक्ट प्रकरण) के पीठासीन अधिकारी लीलूराम सियाग ने दिया।
उन्होंने आदेश में आरोपित करमीसर चौराहा निवासी ओमप्रकाश पुत्र ठण्डुराम मीणा को दोषी करार देते हुए छह माह का साधारण कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उन्होंने एक लाख ९५ हजार की प्रतिकर राशि सहित भुगतान करने के आदेश दिए। प्रतिकर राशि का भुगतान नहीं करने पर ३० दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। परिवादी की ओर से अधिवक्ता श्याम बाबु पंवार ने पैरवी की।