5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

इंदिरा गांधी नहर जर्जर, जीर्णोद्धार की जरूरत

इंदिरा गांधी नहर जर्जर हो गई है और इसके जीर्णोद्धार की जरूरत है ।
2 min read
Google source verification

हेम शर्मा/बीकानेर. इंदिरा गांधी नहर जर्जर हो गई है और इसके जीर्णोद्धार की जरूरत है । जन लेखा समिति की अनुशंसा पर नहर विभाग ने नहर की शाखाओं और वितरिकाओं का एनके ब्लीड कॉन कंपनी से व्यापक सर्वे करवाकर यह रिपोर्ट दी है । नहर की स्थिति को लेकर यह आकलन रिपोर्ट नहर विभाग, राज्य सरकार और केन्द्रीय जल आयोग को दी गई है ।

इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर इंदिरा गांधी नहर का खास तौर से द्वितीय चरण में रिनोवेशन (जीर्णोद्धार) की सलाह दी गई है । इस सलाह पर नहर विभाग ने राज्य सरकार के माध्यम से केन्द्रीय जल आयोग को नहर का विस्तार, जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण करवाने के लिए ९५० करोड़ रुपए के प्रस्ताव भेजे हैं ।

इंदिरा गांधी नहर का द्वितीय चरण बीकानेर एवं जैसलमेर में जर्जर होने के अलावा बेड (तल) लेवल ठीक नहीं होने, हैड डिफेक्टिव होने, नहर के धंसने, पुलिया सही नहीं होने, नहर टूटी होने जैसी कई खामियां सामने आई हैं । कंसल्टेंट कंपनी की ओर से किए गए व्यापक सर्वे की रिपोर्ट वोल्यूम (खण्ड) में दी गई है । यह रिपोर्ट कंपनी ने दो वर्षों तक सर्वे करके तैयार की है । केन्द्रीय जल आयोग के समक्ष यह रिपोर्ट तकनीकी स्वीकृति के लिए विचाराधीन है ।

स्वीकृति का इंतजार
इंदिरा गांधी नहर ५० साल से ज्यादा पुरानी हो गई है। नहर के रख-रखाव के लिए ९५० करोड़ रुपए के प्रस्ताव केन्द्रीय जल आयोग के समक्ष विचाराधीन है। उम्मीद है कि जल्दी ही स्वीकृति मिल जाएगी। वैसे नहर विभाग ने इस प्रोजेक्ट के तहत नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से जैसलमेर में ५२ करोड़ की लागत से काम शुरू कर दिया है । नाबार्ड से और राशि मिलने की उम्मीद है। इस दिशा में प्रयास चल रहे हैं। शीघ्र ही नहर के जीर्णोद्धार का कार्य किया जाएगा।
विनोद चौधरी, मुख्य अभियंता, इंगांनप बीकानेर

बड़ी खबरें

View All

बीकानेर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग