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इंदिरा रसोई में डिनर की बजाय लंच करने वाले ज्यादा

indra rasoi yojna - 74 दिनों में 1 लाख 58 हजार जरुरतमंदों ने किया लंचशहर में दस स्थानों पर हो रहा संचालन  

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इंदिरा रसोई में डिनर की बजाय लंच करने वाले ज्यादा

इंदिरा रसोई में डिनर की बजाय लंच करने वाले ज्यादा

बीकानेर. जरुरतमंद लोगों को सुबह और शाम बहुत ही कम शुल्क पर गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाने के लिए शुरू की गई इंदिरा रसोई ( indra rasoi yojna ) में सुबह का भोजन करने अधिक लोग पहुंच रहे है, जबकि शाम के भोजन में तुलनात्मक कम लोग पहुंच रहे है। शहर में 20 अगस्त से शुरू हुई इंदिरा रसोई में 74 दिनों में अब तक 1 लाख 58 हजार 106 लोगों ने शुल्क अदा कर लंच किया है, जबकि अब तक रात का भोजन 1 लाख 27 हजार 773 लोगों ने किया है।

योजना के तहत अब तक लंच ( lunch) की सुविधा का करीब 70 प्रतिशत उपयोग हुआ है वहीं डिनर की सुविधा 56 प्रतिशत लोगों ने उठाई है। इंदिरा रसोई के माध्यम से जरुरतमंद लोगों को 8 रुपए शुल्क में निर्धारित स्थलों पर बिठाकर भोजन करवाया जा रहा है। रसोई का संचालन अनुबंधित फर्मो के माध्यम से हो रहा है।

6 हजार लोग कर सकते है लंच व डिनर
इंदिरा रसोई ( indra rasoi ) में प्रत्येक रसोई में प्रतिदिन 300 लंच और 300 डिनर की क्षमता है। दस स्थानों पर संचालित हो रही रसोई के अनुसार 3000 हजार लंच व 3000 हजार लोग रोज डिनर कर सकते है। 20 अगस्त से अब 4 लाख 50 हजार तक की क्षमता लंच व डिनर की थी, जिसमें से 1 लाख 58 हजार 106 ने लंच और 1 लाख 27 हजार 773 ने डिनर किया है।

यहां हो रहा संचालन
निगम क्षेत्र में दस स्थानों पर इंदिरा रसोई का संचालन हो रहा है। इनमें संत रविदास भवन नोखा रोड, अग्निशमन केन्द्र बीछवाल, निजी बस स्टैण्ड गंगानगर रोड, विराट नगर उदासर रोड, अमरेश्वर महादेव मंदिर आश्रय स्थल, पूगल मंडी पूगल रोड, पीबीएम अस्पताल परिसर, रोडवेज बस स्टैण्ड, आश्रय स्थल रेलवे स्टेशन के पास, आश्रय स्थल सेटेलाइट अस्पताल परिसर शामिल है।

यह है रसोई का मैन्यू
इंदिरा रसोई में लंच और डिनर ( dinner ) में चपाती, दाल, एक सब्जी और अचार की सुविधा है। भोजन में प्रति थाली 100 ग्राम दाल, 100 ग्राम सब्जी, 250 ग्राम चपाती एवं अचार दिया जा रहा है।

स्थान चयन में देरी
इंदिरा रसोई योजना हालांकि २० अगस्त से शुरू हो गई, लेकिन शहर में पहले दिन पांच स्थानों पर ही इसका संचालन शुरू हो सका। इसके बाद एक-एक कर पांच और रसोईयों का संचालन शुरू किया गया। स्थान चयन में देरी और अन्य विभागों की ओर से अपने भवन व स्थान उपलब्ध करवाने में रही आनाकानी के चलते कुछ रसोईया देरी से शुरू हो सकी।

एक निगम क्षेत्र से बाहर संचालित
योजना के तहत सभी दस इंदिरा रसोई का संचालन नगर निगम क्षेत्र में किया जाना है, लेकिन दस में से एक रसोई निगम क्षेत्र के ८० वार्डो की सीमा से बाहर संचालित हो रही है। निगम की ओर से विराट नगर, उदासर रोड पर एक रसोई का संचालन किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार डीएलबी की अनुमति के बाद ही इस रसोई का संचालन विराट नगर में किया जा रहा है।

यहां 27 हजार से अधिक ने किया लंच
पीबीएम अस्पताल परिसर और पूगल मंडी स्थित इंदिरा रसोई में अब तक 27 - 27 हजार लोगों ने लंच किया है, जबकि बीछवाल फायर स्टेशन रसोई में 22783, सेटेलाइट परिसर, रेलवे स्टेशन के पास आश्रय स्थल और गंगानगर रोड प्राइवेट बस स्टेण्ड इंदिरा रसोई में 20-20 हजार लोगों ने लंच किया है। हर्षोल्लाव आश्रय स्थल में अब तक करीब तीन हजार लोगों ने लंच किया है। नोखा रोड व विराट नगर इंदिरा रसोई बाद में संचालित होनी शुरू हुई है।