
बीकानेर के कारखानों से निकलने वाले पानी का होगा शोधन, सिंचाई के लिए आएगा काम
रमेश बिस्सा
बीकानेर. औद्योगिक क्षेत्रों में कारखानों से निकलने वाला उपचारित व अनउपचारित पानी फिर काम आएगा। इसके लिए बीछवाल व करणी औद्योगिक क्षेत्र में संयुक्त जल उचिष्ठ सयंत्र (सीईटीपी) लगाया जाएगा। इसमें पानी का शोधन किया जाएगा, ताकि यह पानी पौधों, खेती व उद्योगों में दोबारा काम आ सके। इसकी कवायद शुरू हो गई है।
पर्यावरण संरक्षण की ओर कदम बढ़ाते हुए व्यापारियों ने पहल की है। इसके लिए सर्वसममति से स्थान का चयन भी कर लिया गया है। साथ ही व्यपारियां ने इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए बीछवाल इको फ्रेंडली फाउण्डेशन की स्थापना भी की है। इसमें व्यापारियों ने अपना अंशदान भी दे दिया है। वहीं रीको ने भूमि आवंटित करने की स्वीकृति दी है। अब निर्णय केन्द्र व राज्य सरकार के हाथ में है। सरकारी स्तर पर आर्थिक मदद मिलने के बाद इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
रीको देगा जमीन
मोटे तौर पर बीछवाल व करणी औद्योगिक क्षेत्र में पांच सौ से ज्यादा औद्योगिक इकाइयां है। इसमें खाद्य पदार्थ बनाने वाले उद्योगों की अधिक संख्या में है। इनसे जो उपचारित व अनउपचारित पानी निकलता है, यह पानी एक ही स्थान पर लगातार एकत्र हो रहा है।
इससे पर्यावरण दूषित हो रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए सीईटीपी प्लांट जरूरी है, लेकिन व्यापारियों की माने तो रीको ने औद्योगिक विस्तार के दौरान कहीं भी इस तरह के प्लांट की स्थापना नहीं की। अब नए सिरे उद्यमियों ने जब पहल की तो, रीको ने भूमि देने का आश्वासन दिया है।
रिपोर्ट तैयार
उद्यमियों ने अपने स्तर पर प्रयास करते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करवा ली है।
इसमें स्थान व अन्य आवयकताओं को शामिल किया गया है। बीछवाल में करीब चार बीघा भूभाग व करणी औद्योगिक क्षेत्र में करीब २४ हजार मीटर भूभाग में सयंत्र लगाया जा सकता है। हलांकि व्यापारियों का मानना है कि करणी औद्योगिक क्षेत्र में करीब ३५ हजार मीटर भूमि पर्याप्त होती है, लेकिन अभी रीको ने २४ हजार मीटर की स्वीकृति दी है।
अंशदान का इंतजार
उद्यमियों ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह कर अंशदान जुटा लिया है। परियोजना रिपोर्ट भी बना ली, रीको ने भूमि के लिए स्वीकृति दे दी है। अब इसमें सरकार को प्रभावी पहल करनी होगी। सयंत्र को स्थापित करने में ५५ करोड़ रुपए की लागत का अनुमान है। इसमें बीछवाल में ३० व करणी औद्योगिक क्षेत्र में २५ करोड़ रुपए की लागत आ सकती है। इस राशि के चार भागीदार है, इसमें व्यापारी, रीको, केन्द्र व राज्य सरकार शामिल होंगे। राज्य व केन्द्र सरकार से अंशदान का इंतजार है।
मिलेगी निजात
औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाला पानी लंबे समय से एक ही स्थान पर एकत्रित हो रहा है। इसको दोबारा री-साइकिल किया जाएगा, तो पानी का सदुपयोग हो जाएगा। इस सयंत्र की मॉनिटरिंग विभाग करेगा।
प्रेमालाल रैगर, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण मंडल, बीकानेर
सरकार दिखाए गंभीरता
उद्यमियों ने पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ पहल की है। सभी व्यापारी एकजुटता के साथ संयुक्त रूप से पर्यावरण संरक्षण के लिए तत्पर है। जल्द ही सीईपीटी प्लांट लगाया जाएगा। हलांकि यह रीको का काम था, लेकिन व्यापारियों ने कदम उठाया। अब केन्द्र व राज्य सरकार गंभीरता दिखाएं।
कमल कल्ला, चेयरमैन, बीछवाल इको फै्रन्डली फाउण्डेशन, बीकानेर
Published on:
23 Jun 2019 12:45 pm
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