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बीकानेर. विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति नई खोज पूर्ण रचनात्मकता का विकास करने के लिए कक्षा 6 से 10 वीं तक के छात्र छात्राओं को इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में नॉमिनेशन कराने में संस्था प्रधान रुचि नहीं ले रहे हैं।
इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत बच्चों के विज्ञान सम्बन्धी नवाचारों के लिए ईएमआईएएस पोर्टल पर अब तक पूरे राज्य की 244 स्कूलों से केवल 650 विद्यार्थियों के ही नामिनेशन ऑनलाइन किए गए है। जबकि 14 जिलों से तो एक भी विद्यार्थी का नवाचारी प्रोजेक्ट ऑनलाइन नहीं किया गया है।
जबकि हर स्कूल से कम से कम 2 से 3 विद्यार्थियों के नॉमिनेशन कराने के लक्ष्य संस्था प्रधानों को दिए गए है। शिक्षा निदेशालय ने सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को उनके अधीनस्थ जिलों के संस्था प्रधानों से 31 जुलाई तक इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के लिए अधिक से अधिक नॉमिनेशन कराने के निर्देश दिए है।
चित्तौड़ व बूंदी आगे
निदेशालय की ओर से ईएमआईएस पोर्टल पर अब तक जिन जिलों की ओर से इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया गया है, उनमें चित्तौडग़ढ़ व बूंदी जिला सबसे आगे है। चित्तौड़ में 154 विद्यार्थियों के व बूंदी जिले में 95 विद्यार्थियों के नवाचारी प्रोजेक्ट्स का रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर किया गया है।
ये है मानक
केन्द्र सरकार के विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्रायल की ओर से कक्षा 6 से 10 वीं तक के उन विद्यार्थियों को इस योजना के तहत पुरस्कृत किया जाता है जिन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में कोई नवाचार किया हो, ऐसे बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए मंत्रालय उनके प्रोजेक्ट आमंत्रित करता है। उनमें से जिन बच्चों के प्रोजेक्ट चयनित किए जाते है उन्हें उस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन व पुरस्कार दिया जाता है।
Published on:
23 Jul 2019 05:06 pm
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