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सेना के ग्रुप कर्नल शर्मा से बातचीत: कहा, युवाओं के लिए एनसीसी की अनिवार्यता हो

अगर युवाओं को पांच साल एनसीसी में रहने की अनिवार्यता लागू कर दी जाए तो भी वांछित परिणाम मिल सकेंगे।

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बातचीत

बीकानेर. 'संसदीय समिति ने सुझाव दिया था कि देश में हर नागरिक को पांच वर्ष तक सेना में रहने की अनिवार्यता लागू की जाए। मेरा कहना है कि अगर युवाओं को पांच साल एनसीसी में रहने की अनिवार्यता लागू कर दी जाए तो भी वांछित परिणाम मिल सकेंगे।Ó यह बात मंगलवार को वेटरनरी विवि परिसर में सेना में जोधपुर ग्रुप कर्नल सुधान्शु शर्मा ने 'राजस्थान पत्रिकाÓ से बातचीत में कही। वे यहां जोन के एनसीसी कैडेट्स के समारोह में हिस्सा लने आए थे।

ग्रुप कर्नल शर्मा ने कहा कि एनसीसी देश की युवा पीढ़ी को जीवन जीने का तरीका सिखाती है। इससे युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्म विश्वास जगाया जाता है। एनसीसी ने बदली परिस्थितियों में पाठ्यक्रम में बदलाव किया है। इसमें सेना सम्बन्धी प्रशिक्षण ३० फीसदी तथा ७० फीसदी प्रशिक्षण राष्ट्रीय एकता, आपदा प्रबंधन, एक भारत-श्रेष्ष्ठ भारत, समाज सेवा आदि सिखाई जा रही हैं।

एनसीसी के ट्रेनिंग कैंप में बदलाव किया गया है। इसमें कुरीतियां दूर करने, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और सामाजिक कार्य सिखाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि देश में युवाओं के लिए दो योजनाएं एनसीसी और एनएसएस चल रहे हैं। इनमें युवाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास, राष्ट्रीय निष्ठा और अनुशासन के भाव जगाए जाते हैं, जिससे वे समाज के कल्याण की भावना से काम करें।

डॉ. सुनीता लेफ्टिनेंट पद से अलंकृत
बीकानेर . राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विवि ऑडिटोरियम में मंगलवार को 1 राज. आर एण्ड वी एनसीसी स्क्वाड्रन के राष्ट्रीय घुड़सवारी प्रतियोगिता में विजेता कैडेट्स को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। वहीं वेटरनरी विवि की सहायक प्राध्यापक डॉ. सुनीता चौधरी को 'क्लिपिंग सेरेमनीÓ में लेफ्टिनेंट पद से अलंकृत किया। यह सम्मान एनसीसी जोधपुर के ग्रुप कमांडर कर्नल सुधांशु शर्मा ने किया।

इस मौके पर कर्नल शर्मा ने कैडेट्स से यह भी आह्वान किया कि वे संस्कारित होकर देश में अनुशासन और कत्र्तव्य परायण से शीर्ष नेतृत्व प्रदान करें। हम मेहनत, ईमानदारी और कत्र्तव्यनिष्ठा का जज्बा रखकर ही आगे बढ़ सकते हैं। समारोह में विशिष्ट अतिथि वेटरनरी कॉलेज के अधिष्ठाता प्रो. त्रिभुवन शर्मा ने कहा कि एनसीसी एकाग्रता और अनुशासन सिखाती है।

राजुवास के कुलसचिव प्रो. हेमन्त दाधीच ने कहा कि सेना से हमें अनुशासन की सीख मिलती है। राजुवास के वित्त नियंत्रक अरविन्द बिश्नोई ने अपने एनसीसी के अनुभव साझा किए। 1-राज आर एण्ड वी स्क्वाड्रन के कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट अशोक सिंह राठौर ने आभार जताया। समारोह में डीन-डायरेक्टर, फैकल्टी सदस्य, एनसीसी ऑफिसर, कैडेट्स और छात्रा-छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अशोक गौड़ ने किया।

इन्हें किया सम्मानित
ग्रुप कमांडर कर्नल शर्मा और अतिथियों ने रिपब्लिक-डे कैम्प 2018 में पुरस्कृत हुए घुड़सवारी में बेस्ट शो जम्पर ट्रॉफी विजेता अण्डर ऑफिसर सुरेश चन्द, सीनियर अण्डर ऑफिसर विकास कुमार, ऑफिसर सार्जेन्ट रामा मूलचंदानी को मेडल और ट्रॉफी प्रदान की। मोहित बेनीवाल, तान्वी गहलोत, संजीता चौधरी, कैडेट्स सिमरन कुमारी और देवेन्द्र डूडी को नगद पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

राजस्थान में ये हालात
देश में राजस्थान ही ऐसा प्रदेश है, जहां राष्ट्रीय कैडे्स कोर (एनसीसी) में एनएओ (नेशनल एसोसियएट ऑफिसर) के एप्रूव्ड वित्तीय प्रावधान लागू नहीं है। प्रदेश में एनसीसी को बढ़ावा देने के लिए संसाधनों की जरूरत है। एनसीसी में ७५ प्रतिशत वित्तीय सहायता केन्द्र सरकार देती है और २५ प्रतिशत राज्य सरकार को देनी होती है। राजस्थान सरकार एनसीसी के लिए पूरी राशि नहीं दे रही है। प्रदेश में एनएओ अपने एनसीसी के प्रति जज्बे के चलते ही बने हैं।

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