30 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यहां संयुक्त निदेशक भी नहीं कर पाए इलाज, ओपीडी में मरीजों की भीड़

नोखा. नोखा क्षेत्र में डेंगू रोकथाम को लेकर विभागीय दौरे पर आए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के संयुक्त निदेशक डॉ. हरवंश सिंह से बुधवार को कुछ चिकित्सकों को लेकर शिकायत की गई थी कि वे ओपीडी में बैठकर मरीज कम देखते हैं और बाहर घूमते रहते हैं। ऐसे चिकित्सकों का ईलाज करने के लिए संयुक्त निदेशक डॉ. सिंह ने उनको लिखित आदेश का एक डोज दिया था। इसमें डॉक्टर्स को ओपीडी टाइम में मौजूद सारे मरीज देखकर घर जाने के निर्देश दिए गए थे।

2 min read
Google source verification
Joint director of medical and health services

Joint director of medical and health services


नोखा. नोखा क्षेत्र में डेंगू रोकथाम को लेकर विभागीय दौरे पर आए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के संयुक्त निदेशक डॉ. हरवंश सिंह से बुधवार को कुछ चिकित्सकों को लेकर शिकायत की गई थी कि वे ओपीडी में बैठकर मरीज कम देखते हैं और बाहर घूमते रहते हैं। ऐसे चिकित्सकों का ईलाज करने के लिए संयुक्त निदेशक डॉ. सिंह ने उनको लिखित आदेश का एक डोज दिया था। इसमें डॉक्टर्स को ओपीडी टाइम में मौजूद सारे मरीज देखकर घर जाने के निर्देश दिए गए थे। बाद में यह बात खुद डॉ. सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान भी कही थी।

लेकिन संयुक्त निदेशक डॉ. सिंह की डोज बेअसर रही और इसका परिणाम गुरुवार को दूसरे दिन ही देखने को मिल गया। जिसकी शिकायत की गई थी, उनकी ही ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगी हुई थी और डॉक्टर साहब सीट से गायब थे। वहां पर मरीजों से बात की गई तो उनका कहना था कि सुबह से आए बैठे हैं, पर्चियों का ढेर लगा हुआ है। डॉक्टर साहब आए बाद चार-पांच बार तो उठकर बाहर चले गए है। जब अस्पताल बंद हो जाएगा, तो घर पर दिखाने की फीस लेंगे।

दो डॉक्टर मिले ओपीडी से गायब
बागड़ी अस्पताल में डॉक्टर्स के ओपीडी में नहीं बैठने की शिकायत पर पत्रिका ने हकीकत जानने का प्रयास किया, तो फिजीशियन डॉ. नरेंद्र बिश्नोई के कमरे में मरीजों की भीड़ लगी हुई थी। डॉ. बिश्नोई खुद सीट पर नहीं थे। वहीं शिशु रोग के डॉ. किशन चौहान भी सीट पर मौजूद नहीं थे और उनके कमरे के आगे मरीज इंतजार करते नजर आए। वहीं कुछ डॉक्टरों के कमरों में मरीजों की भीड़ भी देखने को मिली।

इनका कहना है
संयुक्त निदेशक डॉ. हरवंश सिंह के आदेश पर बुधवार को एक लिखित आदेश निकालकर डॉक्टरों को सूचित कर दिया था कि ओपीडी समय में सीट ना छोड़े, सभी मरीजों को देखकर ही घर जाएं।
डॉ. पीसी तंवर, प्रभारी बागड़ी अस्पताल नोखा।

चार बार तो उठकर चले गए
मैं अपनी पुत्रवधु का इलाज कराने आई थी। डॉक्टर को दिखाने के लिए इंतजार कर रही हूं। डॉक्टर आने के बाद चार बार तो उठकर चले गए हैं।
कमला, परिजन।

डॉक्टर बैठकर देखे, तो नंबर आए
मेरे फंसली में दर्द रहता है। डॉक्टर को दिखाने आया हूं। भीड़ लग रही है, डॉक्टर बैठकर देखेंगे, तभी तो दिखाने का नंबर आएगा।
भैराराम, मरीज

वार्ड में राउंड लेने गया था
मैं तो पूरे टाइम सीट पर बैठता हूं। वार्ड में राउंड लेने भी जाना पड़ता है। मरीज तो कुछ भी आरोप लगा सकते हैं।
डॉ. नरेंद्र बिश्नोई, फिजीशियन बागड़ी अस्पताल नोखा।