
बाजारों में खरीदारी, घर-घर में तैयारी
बीकानेर. अखण्ड सुहाग की कामना को लेकर करवा चौथ ( Karva Chauth) पर्व 4 नवम्बर को मनाया जाएगा। महिलाएं अपने पति की दीर्घायु की कामना को लेकर व्रत-उपासना करेंगी। रात में चन्द्र दर्शन और पूजन के बाद व्रत का पारणा करेगी। करवा चौथ को लेकर बाजारों ( markets) में रौनक बढ़ गई है। सोने-चांदी के आभूषण, साडिय़ा, सौन्दर्य प्रसाधान सामग्री और चूडियों की दुकानों पर महिलाएं खरीदारी ( Shopping) कर रही है।
घर-घर में महिलाएं करवा चौथ व्रत के दौरान सजने-संवरने और पूजन को लेकर तैयारियों ( preparing) में जुटी हुई है। करवा चौथ को लेकर महिलाएं पारम्परिक रूप से राजस्थानी घाघरा और ओढऩी को अधिक पसंद कर रही है व खरीदारी भी कर रही है। शहर के विभिन्न कपड़ा बाजार और दुकानों पर सुबह से रात तक महिलाएं वस्त्रों की खरीदारी में व्यस्त है।
मेहन्दी मांडणा व ब्यूटी पार्लर में बुकिंग
करवा चौथ के दिन कई महिलाएं ब्यूटी पार्लर में सजेगी और संवरेगी। इसके लिए महिलाएं बुकिंग करवा रही है। वहीं अपने हाथों पर पारम्परिक और कलात्मक मेहन्दी मांडणा रचाने के लिए भी मेहन्दी मांडणा कलाकारों से समय निर्धारित किया जा रहा है। करवा चौथ के दिन महिलाएं पारम्परिक वस्त्र-आभूषणों से सज धज कर व्रत-पूजन करती है।
खरीद रहे उपहार
करवा चौथ को लेकर महिलाएं ही नहीं पुरुष भी खरीदारी कर रहे है। करवा चौथ के दिन अपनी पत्नियों को उपहार देने के लिए कई पुरुष साडिय़ा, सोने-चांदी के आभूषण सहित कई प्रकार के उपहार खरीद रहे है।
करवा चौथ का विशेष महत्व
पति की दीर्घायु, स्वास्थ्य एवं समृद्धि की कामना के लिए पत्नि अपने पति के लिए एवं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति की कामना को लेकर करवा चौथ का व्रत रखती है। ज्योतिषाचार्य पंडित राजेन्द्र किराडू के अनुसार इस दिन रात्रि में भगवान गणेश एवं पार्वती का पूजन कर कथा को सुना जाता है और चन्द्रमा को अघ्र्य देकर व्रत का पारणा किया जाता है। मिट्टी के कलश में जल पूर्ण कर उसमें तिल, चावल डालकर करवा दान किया जाता है। पूरे दिन व्रतधारी महिलाएं निराहार रहकर रात्रि में व्रत का पारणा करती है। पंडित किराडू के अनुसार करवा चौथ के दिन इस बार रात्रि में 8 बजकर 30 मिनट पर चन्द्रोदय होगा।
Published on:
02 Nov 2020 09:10 pm
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